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सीएम की घोषण के बाद भी शहर में नहीं मिल रही लाइब्रेरी के लिए जगह

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library - फोटो : Jhjhar
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शहर की लाइब्रेरी के जर्जर भवन की जगह नये लाइब्रेरी भवन का निर्माण करवाए जाने के लिए जगह नहीं मिल रही। इसी वजह से लाइब्रेरी भवन के निर्माण की योजना फाइलों में ही दबकर रह गई है। वर्तमान में टॉउन हॉल भवन में लाइब्रेरी चल रही है लेकिन यहां पर जगह की कमी के कारण लाइब्रेरी का निर्माण नहीं हो पा रहा है। करीब छह माह पूर्व अधिकारियों ने इसी जगह को भवन निर्माण के लिए चुना था लेकिन बाद में इसे निरस्त कर दिया गया था। वर्तमान में करीब छह करोड़ रुपये के विकास कार्यों वाले टेंडर प्रक्रिया में है लेकिन लाइब्रेरी भवन का टेंडर बजट के बावजूद नहीं लगाया जा सकता।
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नपा के पास है डेढ़ करोड़ रुपये का बजट
लाइब्रेरी सहित चार बड़े कार्यों के लिए सीएम ने मातनहेल रैली में दस करोड़ रुपये की ग्रांट देने की घोषणा की थी। जिसमें से सुर्खपुर रोड का निर्माण पूरा हो चुका है तथा दमकल व नगरपालिका भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। जबकि लाइब्रेरी के भवन की जगह भी तीन साल बाद तय नहीं हो पाई है। लाइब्रेरी भवन का निर्माण करवाने के लिए नपा के पास डेढ़ करोड़ रुपये का बजट भी मौजूद है।
रोज लगभग 300 लोग करते हैं लाइब्रेरी का विजिट
वर्तमान में शहर व आसपास के गांवों से करीब 300 छात्र तथा सीनियर सिटीजन लाइब्रेरी में रखी किताबों व मुख्य अखबारों का वाचन करने के लिए आते हैं। शहर के मध्य स्थित इस लाइब्रेरी का अपना महत्व है। बताया जा रहा है कि नगरपालिका गठन के कुछ समय बाद ही करीब 1900 के दशक में इसका निर्माण करवा दिया गया था।
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पुराना बस स्टैंड हो सकता है बेहतर विकल्प
नपा के पास शहर के मध्य में अपनी कोई बड़ी साइट नहीं है। लेकिन शहर के मध्य पुराने बस स्टैंड की करीब सात एकड़ जगह मौजूद है। बस स्टैंड यहां से शिफ्ट होने के बाद से यह जगह कोई काम में भी नहीं आ रही। इस जगह पर लाइब्रेरी का निर्माण अगर करवाया जाता है तो हर किसी को फायदा मिलेगा। क्योंकि सीनियर सिटीजन व छात्रों को लाइब्रेरी के लिए ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ेगा। वहीं पुरानी लाइब्रेरी से यह महज 500 मीटर की दूरी पर है।
लाइब्रेरी भवन के निर्माण के लिए पुराना बस स्टैंड की जमीन को लेकर परिवहन विभाग के अधिकारियों से बात की गई थी। जमीन ट्रांसफर का केस मुख्यालय स्तर पर निर्धारित होता है। ऐसे में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर इसके बारे में विचार करने का आग्रह करेंगे।
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नरेंद्र सैनी, नपा सचिव, झज्जर।
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