झज्जर। जिले में डीएपी खाद को लेकर मारामारी हो रही है। शनिवार को मंडी स्थित खाद की दुकान पर 500 बैग डीएपी आया तो खरीदने के लिए किसानों की लाइनें लग गई। महिलाएं भी कतार में आकर ले गई। सप्लाई कम होने से कुछ किसानों को खाद मिला लेकिन कई किसान घंटो कतार में लगने के बाद खाली हाथ लाैटे।
रबी की फसल बुआई करने का समय करीब आ गया है, लेकिन किसानों को डीएपी नहीं मिल पा रहा। इस कारण खाद आने पर दुकानों के बाहर किसानों की लाइन लग जाती हैए लेकिन खाद नहीं मिल पा रहा इसको लेकर किसान मायूस हो रहे हैं। उन्हें डर है कि कही फसल की बुआई करने के लिए डीएपी नहीं मिल पाई तो वह बुआई नहीं कर सकेंगे या फिर फसलों की बुआई करने में देरी हो सकती हैं। शनिवार को मंडी में स्थित खाद बीज की दुकान पर 500 कट्टे आए, जो हाथों हाथ बिक गए। खाद खरीदने आए सभी किसानों को खाद नहीं मिल पाया, जिसके बाद किसानों को खाली हाथ वापस लौट कर जाना पड़ा।
अब रबी की फसल बुआई का समय है, लेकिन डीएपी खाद नहीं मिल रहा। आज मंडी में खाद आया था। पता चलने के बाद खाद लेने के लिए मंडी आया, लेकिन भीड़ ज्यादा होने के कारण खाद नहीं मिल पाया।
काला, जौंधी गांव
डीएपी ना मिलने के कारण सरसों की फसल की बुआई में देरी हो रही है। दुकानों पर खाद नहीं मिल पा रहा है। खाद लेने के लिए कई बार चक्कर काट चुका हूं।
पवन गुर्जर, झज्जर
वर्जन
जिले में खाद की पर्याप्त मात्रा है। किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है।जिन किसानों को डीएपी नहीं मिल पा रहा, वह नैनों डीएपी, एनपीके और सिंगल सुपर फास्फेट का प्रयोग कर सकते है। इससे पैदावार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
जितेंद्र अहलावत, उप निदेशक, कृषि कल्याण विभाग, झज्जर