पत्रकारों से बातचीत करते प्राचीर कारीगर एसोसिएशन सदस्य व नाबार्ड के अधिकारी
बहादुरगढ़। शहर के सेक्टर-6 स्थित कम्यूनिटी सेंटर में 20 अक्तूबर रविवार से हस्तशिल्प और नाबार्ड राष्ट्रीय कला और शिल्प उत्सव सह प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। यह मेला 10 दिनों तक चलेगा। सूरजकुंड मेले की तर्ज पर यह मेला आयोजित होगा। देश भर के 90 से ज्यादा पद्मश्री, शिल्प गुरु और नेशनल अवार्ड विजेताओं के साथ साथ उज्बेकिस्तान के भी छह हस्तशिल्पी अपनी कला का हुनर लोगों को दिखाएंगे।
रुरल अर्बन डेवलपमेंट एसोसएिशन, प्राचीन कारीगर एसोसिएशन की ओर से शहर के सेक्टर-6 स्थित कम्यूनिटी सेंटर में इसका आयोजन किया जा रहा है। यह 20 से 30 अक्तूबर तक चलेगा। इसका शुभारंभ नाबार्ड की सीजेएम निवेदिता तिवारी और झज्जर जिले के डीसी कैप्टन शक्ति सिंह करेंगे। शनिवार को कम्यूनिटी सेंटर में इस कार्यक्रम को लेकर आयोजकों की पत्रकार वार्ता हुई। नाबार्ड के अधिकारियों और शिल्पकारों ने बताया कि बहादुरगढ़ में लगातार 10वीं बार इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसमें हस्तशिल्प कलाकारों की प्रदर्शनी देखने को मिलेगी तो वहीं दूसरी तरफ नए कलाकारों को भी कला सीखने का मौका मिलने जा रहा है। यहां लकड़ी, ब्रास, कांच, कपड़ा, पेंटिंग, मिट्टी, जूट और कागज से बने उत्पाद लोगों को देखने को मिलेंगे। इसके साथ ही ग्रामीण आंचल से जुड़े हुए सेल्फ हेल्प ग्रुप भी इस प्रदर्शनी में हिस्सा लेंगे। पद्मश्री और शिल्पगुरु सहित कई अवार्डी इसमें भाग ले रहे हैं। सुबह दस से लेकर रात 9 बजे तक यह आयोजन जारी रहेगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। इस अवसर पर नाबार्ड के एजीएम मोहित यादव, डीडीएम अंकित दहिया, डॉ. राजेंद्र जांगड़ा, शिल्पगुरु राजेंद्र प्रसाद बोंदवाल, राष्ट्रपति अवार्डी चंद्रकांत बोंदवाद व उज्बेकिस्तान के शिल्पकार मौजूद रहे।
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