स्वास्थ्य विभाग की टीम पानी की टंकी में लारवा की जांच करते हुए । संवाद
झज्जर। शहर में इस समय डेंगू और मलेरिया का प्रकोप बढ़ रहा है। इस सिलसिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया रोकने हेतु एक्शन प्लान बनाकर जनवरी से ही कार्रवाई की जा रही है। वीरवार को 10 घरों में लारवा मिला। टीम ने चालान भी काटे। जैसे-जैसे गर्मी का मौसम नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों की संख्या में वृद्धि हो रही है। इसे देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने पिछले साल मलेरिया मुक्त अभियान की शुरुआत की थी। बता दें पिछले साल स्वास्थ्य विभाग ने जहां रक्त पट्टिकाओं को बनाने में पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। पिछले साल जांच के बाद मलेरिया के 16 मामले दर्ज हुए थे, जिनका तुरंत इलाज किया गया था और मलेरिया रोकने हेतु एंटी लार्वा गतिविधि, फॉगिंग और लोगों में जागरूकता संबंधी कार्रवाई की थी।
इस वर्ष स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया रोकने हेतु एक्शन प्लान बनाते हुए जनवरी से ही कार्रवाई की जा रही है। इसके अंतर्गत सभी हाई रिस्क जोहड़ में गंबुजिया मछली छोड़ने, ओपीडी में आए ज्यादा से ज्यादा लोगों की मलेरिया हेतु स्क्रीनिंग, हाई रिस्क एरिया की पहचान, प्रत्येक वार्ड की स्वास्थ्य टीम द्वारा मैपिंग और सभी कूलर, घड़े की जांच आदि शामिल है। झज्जर सिविल अस्पताल के मुख्य सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने बताया कि हमारी सभी 157 टीम जोर-शोर से फील्ड में काम कर रही है। सभी लोगों को हर रविवार ड्राई डे मनाने की अपील की जाती है और बुखार होने की शिकायत पर नजदीकी स्वास्थ्य संस्था से परामर्श लेने उपरांत ही दवा लें।