गोयला कलां की उभरती किक बॉक्सर कुुसुम की मदद को हर कोई आगे आ रहा है। अब सामाजिक कार्यकर्ता वीरेंद्र बुल्लड़ ने कुसुम की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। बुल्लड़ ने कुसुम और उसके कोच को अपने अखाड़े में रहने, प्रशिक्षण और अन्य सुविधाएं देने की पेशकश की है।
कुसुम बेहद प्रतिभाशाली किक बॉक्सर है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वह राज्य का मान बढ़ा रही है। अपने अद्भुत कौशल के लिए उसने इसी माह 10 सितंबर को कोरिया में होने वाली इंटरनेशनल चैंपियनशिप में क्वालीफाई कर चुकी है, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी के कोरिया दौरे पर खतरे के बादल मंडरा गए। मामला कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के संज्ञान में आया तो वे कुसुम की मदद के लिए आगे आए। अब जम्मू-कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने वाले बुल्लड़ पहलवान भी इलाके की इस बेटी की मदद के लिए आगे आए हैं।
बुल्लड़ ने शनिवार को अपने कार्यालय में कुसुम और उसके कोच जसवंत का अभिनंदन किया। आर्थिक मदद की और उन्हें अपने अखाड़े में मुफ्त खाने-रहने, प्रशिक्षण देने की पेशकश की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कुसुम बेहतरीन खिलाड़ी है। उसकी कामयाबी के बीच आर्थिक तंगी आड़े नहीं आने दी जाएगी। वह अपनी ओर से कुसुम को हर संभव मदद देंगे।
आठ बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में जीत चुकी गोल्ड
कुसुम 60 किलोग्राम भार वर्ग के खिलाड़ियों की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर रही है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दुल्हेड़ा में फिलहाल 11वीं की छात्रा कुसुम ने 8वीं से किक बॉक्सिंग खेलना शुरू किया था। कुसुम जब भी खेलती है तो जीत के लिए ही खेलती है। वह अब तक आठ बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल प्राप्त कर चुकी है।
कुसुम को 10 सितंबर को होने वाली प्रतियोगिता के लिए कोरिया रवाना होना है। कुसुम की मदद के लिए बुल्लड़ पहलवान से पहले कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ और गांव गोयला की पंचायत आगे आ चुकी हैं। कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कुसुम के कोरिया आने-जाने और रहने के खर्चे के वहन की घोषणा की थी।