एशियाई कुश्ती प्रतियोगता में नेहा सांगवान ने जीता स्वर्ण पदक ।
साल्हावास (झज्जर) जाॅर्डन की राजधानी अम्मान में हुई अंडर 17 एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में 57 किलो भार वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए खानपुर खुर्द की बेटी पहलवान नेहा सांगवान ने स्वर्ण पदक जीतकर अपने गांव और प्रदेश का नाम रोशन किया है। नेहा सांगवान के पदक जीतने पर व्यायामशाला में खुशी की लहर है।
यह प्रतियोगिता 22 से 25 जून तक चली थी। कृष्ण अखाड़ा के संचालक कृष्ण पहलवान, कोच सज्जन मंदौला ने बताया कि व्यायामशाला में लौटने पर बेटी पहलवान नेहा सांगवान का स्वागत किया जाएगा। दरअसल नेहा सांगवान ने अपने परिवार की पहलवानी की परंपरा को तीसरी पीढ़ी में भी बरकरार रखा है। कुश्ती की शुरुआत नेहा के दादा करतार सिंह ने की थी। नायब सूबेदार से सेवानिवृत्त रहे हैं। वे अपने समय के जाने माने पहलवान रहे। वहीं नेहा के पिता अमित गांव के पूर्व सरपंच हैं और वे भी देहाती दंगल के नेशनल स्तर के खिलाड़ी रहे हैं। उनके बाद नेहा ने कुश्ती शुरू की और कई उपलब्धियां अपने नाम कर चुकी हैं। पहलवान बेटी की उपलब्धि पर अपूर्वा एनर्जी के राजीव राव, बनीता, मनबर भंडारी, सरपंच कृष्ण कुमार, रामपाल साहब, ब्लॉक समिति सदस्य अमित गहलावत, कोच देवेंद्र सनसनवाल व अन्य गण मान्य लोगों ने नेहा सांगवान को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
पांच साल से ले रहीं हैं कृष्ण अखाड़ा में प्रशिक्षण
नेहा सांगवान कृष्ण अखाड़ा खानपुर खुर्द में पिछले 5 वर्ष से कृष्ण पहलवान व कोच सज्जन मंदौला के नेतृत्व में प्रशिक्षण ले रही हैं। नेहा सांगवान ने बताया कि कृष्ण पहलवान की सार्थक मेहनत का ही परिणाम है कि वे निरंतर कुश्ती में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं। नेहा चरखी दादरी जिले के बलाली गांव के एक साधारण परिवार में जन्मी है। पिता खेतीबाड़ी का काम करते हैं जबकि मां अपना घरेलू कामकाज करती हैं। नेहा सांगवान ने बताया कि वे अपने दादा करतार सिंह, पिता अमित कुमार, दादी धनपति व मां मुन्नी को ही अपना प्रेरणा स्रोत मानती हैं । उनका भाई मोहित भी अपनी बहन नेहा सांगवान के साथ पिछले तीन वर्षों से कृष्ण अखाड़ा खानपुर खुर्द में कृष्ण पहलवान व कोच सज्जन मंदौला से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।