फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केबीसी में छवि बिगड़ने पर कोर्ट जाने की तैयारी

Fri, 22 Aug 2014 12:25 AM IST
jhjhar, Bhadurgarh
विज्ञापन
विज्ञापन
कौन बनेगा महा करोड़पति कार्यक्रम में मदानाकलां गांव के लिंगानुपात के बारे में दिखाए गए शाट्स पर विवाद खड़ा हो गया है। गांव के जवान ऋषि ने इस शो के दौरान 12.50 लाख रुपये जीते थे। शो के दौरान ही उसने शो के होस्ट अमिताभ बच्चन के सामने क्षेत्र में गिरते लिंगानुपात का मुद्दा उठाया था। इसे मुद्दे को जोड़ते हुए शो में कुछ बैनर और ग्रामीणों से बातचीत दिखाई गई थी।
विज्ञापन


ग्रामीणों का कहना है कि जिन युवकों से बातचीत टीवी में दिखाई गई हैं, वे गांव के निवासी ही नहीं हैं। वहीं, डॉक्टरों की टीम ने बृहस्पतिवार को गांव का दौरा किया और दावा किया कि यहां के लिंगानुपात में काफी सुधार है। डॉक्टरों की टीम ने कहा कि केबीसी जैसे कार्यक्रम में बिना रिसर्च के किसी गांव की छवि को बिगाड़ना बेहद निराशाजनक है। वहीं, गांव के सरपंच ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
 
सर्वे में बेहतर मिला लिंगानुपात
स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। पीजीआई के प्रोफेसर डॉ. जैन की टीम और झज्जर के सीएमओ डॉ. रमेश धनखड़ की टीम ने बृहस्पतिवार को मदानाकलां और खुर्द, दोनों गांवों का सर्वे किया। सीएमओ डॉ. रमेश धनखड़ ने बताया कि झज्जर जिले में 0 से 6 वर्ष की आयु में वर्तमान में झज्जर जिले का अनुपात 854 है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को जो सर्वे किया गया है, उसके अनुसार दोनों गांवाें की आबादी 3550 है।
विज्ञापन


 इनमें से 1886 पुरुष, जबकि 1664 महिलाएं हैं। इस लिहाज से इस गांव का लिंगानुपात एक हजार पुरुषों पर 882 बनता है। जहां तक दोनों गांवों के 0 से 1 साल के बच्चों के जन्म लेने का लिंगानुपात है, तो वह इस समय 928 है। इस आयु वर्ग में इस गांव में 28 लड़के और 26 लड़कियां हैं। एट बर्थ का सर्वे भी गांव मदाना कलां और खुर्द में किया गया है। इस सर्वे में लड़काें की तुलना में लड़कियों के जन्म लेने का संख्या ज्यादा है। उन्होंने बताया कि इस सर्वे में 15 लड़कों व 16 लड़कियों ने जन्म लिया है, जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इसी तर्ज पर सभी जगह सर्वे कराया जाएगा ताकि सही आंकड़े सामने आ सकें।

शो के दौरान इधर-उधर देखने की इजाजत नहीं थी
ऋषि के साथ केबीसी गेम शो में उसके जीजा सुखबीर सिंह भी गए थे। सुखबीर सिंह का कहना है कि इस कार्यक्रम में रुपये के बदले गर्भपात करने का जो बैनर दिखाया गया था, उस प्रकार का ऐसा कोई मामला था ही नहीं। कन्या को गर्भ में ही मार गिराने की, जो बात जिन युवाओं से कहलवाई गई थी, उन युवकों का भी इस गांव से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है।

 झज्जर के गांव कासनी में अपना निजी स्कूल चलाने वाले मास्टर सुखबीर अपने साले के साथ इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने गए थे। सुखबीर ने बताया कि जब केबीसी के इस कार्यक्रम को शूट किया जा रहा था तो उन्हें इधर-उधर देखने तक की इजाजत नहीं दी गई थी। उन्हें यह कहकर भी भयभीत किया गया था कि यदि कार्यक्रम उनके अनुसार शूट नहीं हुआ तो वह केबीसी का हिस्सा नहीं बन सकेंगे।



करेंगे कानूनी कार्रवाई : सरपंच
गांव मदाना कलां और मदाना खुर्द साथ जुड़े गांव हैं। मदाना कलां के सरपंच त्रिलोकचंद व पंच भूपेंद्र कौशिक कहते हैं कि इस शो से गांव ही नहीं हमारे प्रदेश का नाम नीचा हुआ है। इस मामले में वे कानूनी कार्रवाई करेंगे। चूंकि इस तरह का गांव में कोई माहौल नहीं है, जिस तरह का माहौल दिखाया गया है। इधर मदाना खुर्द के सरपंच बनी सिंह कहते हैं कि गांव में न तो ऐसी किसी की भावनाएं है और न ही ऐसा कुछ होता है।

 वे तो स्वयं हैरान हैं कि आखिर ये सब क्या दिखाया गया है।  गांव के युवा रविंद्र कौशिक ने कहा कि सस्ती लोकप्रियता के लिए किसी गांव या पूरे प्रदेश को बदनाम करने की साजिश है। गांव में यह बैनर दिखाना कि 500 रुपये में गर्भपात करवाकर पांच लाख बचा सकते हैं, घोर निंदनीय है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें