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करवा चौथ पूजन मुहूर्त सुबह 5:16 से शाम 6:29 बजे तक : शास्त्री

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05जेएनडी26: रविवार को छुट्टी के बाद खुले बाजार में खरीददारी के लिए पहुंचे लोग। संवाद
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जींद। नवरात्र पर्व के बाद अब बाजार में त्योहारी सीजन की शुरुआत हो चुकी है। इस समय बाजार में करवा चौथ पर्व की खरीदारी को लेकर महिलाओं की विशेष भीड़ उमड़ रही है। करवा चौथ पूजन मुहूर्त सुबह 5:16 से शाम 6:29 बजे तक रहेगा।
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वहीं दुकानदारों द्वारा भी अलग-अलग वैरायटी के लहंगा, सूट, साड़ी सहित अन्य कई तरह की चीजें महिलाओं को उपलब्ध करवाई जा रही हैं। दुकानों पर रंग-बिरंगी चूडियों की भरमार है। मेहंदी लगाने से लेकर साड़ी, चूड़ी, कॉस्मेटिक आइटम और ज्वेलर्स की दुकानों पर महिलाएं खरीदारी करतीं दिखाई देती हैं।
कारोबारियों के अनुसार सामान्य से अब बाजार में 40 प्रतिशत बिक्री बढ़ गई है। बाजार में कपड़े की दुकानों पर भी एक से बढ़कर एक डिजाइन सूटों, लहंगा, चुन्नी और साड़ियों की वैरायटी उपलब्ध है। मिठाई और ड्राई फ्रूट की बिक्री में भी इजाफा हुआ है।
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10 अक्टूबर को करवा चौथ से होगी दीपावली पर्व की शुरूआत
हिंदू पंचांग के अनुसार दीपावली 20 अक्तूबर को मनाई जाएगी। इससे पहले करवा चौथ का व्रत आ रहा है। जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि पंचांग के अनुसार करवा चौथ का व्रत इस बार 10 अक्तूबर को रखा जाएगा। कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि नौ अक्तूबर की रात 10:54 बजे से शुरू होगी और 10 अक्तूबर की शाम 7:38 बजे इसका समापन होगा। करवा चौथ की पूजा करने का शुभ समय सुबह 5:16 बजे से शाम 6:29 बजे तक रहने वाला है।
विधि-विधान से करें करवा चौथ व्रत
करवा चौथ व्रत का आरंभ सूर्योदय से पहले सरगी खाने से होता है। इसे सास अपनी बहू के लिए तैयार करती हैं। इसमें फल, मेवे, मिठाई और पराठे शामिल होते हैं जिससे पूरे दिन निर्जला व्रत रखने की शक्ति मिलती है। सरगी के बाद पूरे दिन निर्जला उपवास रखा जाता है और रात को चंद्रोदय के बाद महिलाएं करवे (मिट्टी के पात्र) से जल अर्पित कर व्रत खोलती हैं। करवा चौथ के दिन सुबह ही स्नान कर लेना चाहिए। इसके बाद साफ वस्त्रों को धारण करें। पूजा के लिए सभी सामग्रियों को एकत्रित कर लें। इसके बाद महिलाएं मुहूर्त के अनुसार पूजा स्थान पर अपना स्थान लें और करवा माता की कथा सुनें। इस दौरान एक करवा चावल भरकर उसे दक्षिणा के रूप में रख दें। इसके बाद चांद निकलने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दें। फिर चंद्र दर्शन करें। इस दौरान इसी छलनी से पति का मुख देखें। अब पति के हाथों से पानी पीकर व्रत का पारण करें। अंत में करवा को सास या किसी सुहागिन स्त्री को दे दें और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें।
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बाजार में करवा चौथ को लेकर दो हजार से दस हजार रुपये तक के सूट उपलब्ध हैं। पचास हजार रुपये तक के लहंगे हैं। सूटों की भी अच्छी वेरायटी उपलब्ध है जिनकी रेंज 500 रुपये से पांच हजार तक है। कपड़ा कारोबारियों का कहना है कि अबकी बार अच्छे कारोबार की संभावना है। इस बार बाजार में सामान्य से 30 से 40 प्रतिशत काम अधिक देखने को मिल रहा है। -दीपक सैनी दुकानदार
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