बहादुरगढ़। मेरी बहन कई वर्ष से बीमार है। हम उनका इलाज कई जगह करवा चुके, लेकिन ठीक नहीं हो रही। एलोपैथिक, आयुर्वेदिक व यूनानी पद्धति से भी इलाज करवाया पर लाभ नहीं हुआ। अब भगवान शिव ही सहारा हैं। इसलिए मैं इस बार गंगोत्री से कांवड़ लाने के लिए निकला हूं। यह बात शहर के लाइन पार क्षेत्र के निवासी विनोद कुमार ने कही। केवल विनोद ही नहीं अनेक शिवभक्त आशुतोष भगवान से कोई न कोई मन्नत मांगने हरिद्वार व गोमुख के लिए निकले हैं।
शिवरात्रि 15 जुलाई को है। इसलिए आजकल शहर व गांव सभी जगह से शिवभक्त कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार या दूसरे तीर्थों के लिए जाते नजर आ रहे हैं। इन शिवभक्तों में अधिकतर ऐसे हैं, जो कोई न कोई मन्नत लेकर भगवान शिव के अभिषेक के लिए गंगाजल लेने जा रहे हैं। किसी के मन में नौकरी की कामना है तो कोई श्रेष्ठ अर्धांगिनी की इच्छा रखता है। कई युवा केवल दोस्तों के साथ आनंद लेने के लिए कांवड़ लेने जा रहे हैं। विनोद कुमार बीमार बहन को स्वस्थ देखने के लिए सप्ताहभर तक पदयात्रा करके भगवान शिव के लिए कांवड़ में गंगाजल लाएंगे।
उधर, आर्यनगर की गली नंबर-6 के निवासी किराना विक्रेता जोगेंद्र सिंह राठी की ख्वाहिश देश व धर्म को मजबूत देखने की है। कांवड़ लाने के लिए गंगोत्री के लिए निकलने से पूर्व उन्होंने कहा कि हाल ही के कई साल में देश का दुनिया में सम्मान बढ़ा है। अयोध्या में भगवान रामलला को भी उनका भव्य स्थान मिलने वाला है। राठी ने कहा कि देश व सनातन धर्म का अभी कई मोर्चों पर मजबूत होना बाकी है। वह कांवड़ में लाए गंगाजल से अभिषेक करके भोले बाबा से देश व धर्म को सभी मोर्चों पर मजबूत करने की प्रार्थना करेंगे।
पंडित शिवनारायण वशिष्ठ ने बताया कि बहुत से युवा ऐसे हैं, जो आशुतोष भगवान शिव से नौकरी मिलने की प्रार्थना करने निकले हैं। उधर, समाजसेवी अश्विनी शर्मा ने कहा कि कई युवा केवल दोस्तों के साथ मस्ती करने के लिए कांवड़ लेने गए हैं, लेकिन ऐसे युवा इस बहाने बुराई छोड़ने का संकल्प लें तो बेहतर होगा। (संवाद)
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