सुखबीर (सुखी) को स्मृति चिह्न भेंट करते किसान नेता।
- फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़। अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी सुखबीर सारवां (सुखी) ने शनिवार को टीकरी बार्डर पहुंचकर किसान आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने केंद्र सरकार से किसानों के हित में तीनों कृषि कानून वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने के लिए कानून बनाने की मांग की। देश को दो बार कबड्डी का वर्ल्ड कप जिता चुके सुखी ने किसानों से कहा कि हार की तो सोचो ही मत, जीतकर ही घर जाना है।
तीन बार भारतीय कबड्डी टीम के कप्तान रहे सुखी ने कहा कि खेती-किसानी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कृ षि कानूनों की वजह के किसान नाराज हैं। जब उन्हें उक्त कानूनों की जरूरत नहीं है तो सरकार को ये कानून तुरंत वापस ले। इतना ही नहीं, सरकार को एमएसपी की गारंटी देने के लिए कानून भी बनाना चाहिए। इससे किसान निश्चिंत होकर अधिक मेहनत से काम करेंगे।
सुखी ने कहा कि किसानों की वजह से देश को कभी घाटा नहीं हो सकता। हम न केवल लोगों के लिए खाद्यान्न पैदा करते हैं, बल्कि देश की रक्षा के लिए सीमाओं पर दुश्मन से लडने में भी कभी पीछे नहीं रहते। हरियाणा के किसान नेता विकास सीसर, मोहित ईक्कस, मोहित राठी व सुधीर ने चौ. छोटूराम की पुस्तक सुखबीर सारवां भेंट की। विकास सीसर ने कहा आंदोलन में देश की तीन शक्ति आ गई हैं। आंदोलन को किसान, जवान व पहलवान तीनों की ताकत मिल गई है। अब आंदोलन पक्का जीतेंगे।