झज्जर। सिद्ध श्री 1008 बाबा कांशीगिरि महाराज मंदिर में 302वां सुंदरकांड पाठ एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पंडित पवन कौशिक ने कहा कि ज्येष्ठ का महीना तपन और ऊर्जा का प्रतीक है। जब भगवान श्री राम अपने भाई लक्ष्मण के साथ माता सीता की खोज में वन-वन भटक रहे थे, तब उनकी भेंट पहली बार हनुमान जी से हुई थी।
उस समय हनुमानजी ने एक ब्राह्मण का रूप धारण किया था। जिस दिन यह ऐतिहासिक मिलन हुआ, वह ज्येष्ठ मास का मंगलवार ही था। मंदिर समिति के मनीष मेहता, आशीष चावला ने बताया कि योगेश रंजन, पवन कौशिक, भारत भूषण नंदा, हरीश अरोड़ा, चिमन लाल वर्मा, प्रिंस सेठी, सुरेश गाबा, रमेश लखेरा, केवल अरोड़ा, उमा गुलाटी, वंशिका ने सुंदरकांड पाठ किया।
इस दौरान बाबा चालीसा, हनुमान चालीसा, आरती के उपरांत प्रसाद वितरित किया। इस मौके पर रूपचंद अरोड़ा, वीके शर्मा, प्रदीप काठपालिया, मनोहर लाल, अनिल छाबड़ा, यश मिगलानी, गुलशन कटारिया, अशोक सलूजा, मनोज चुघ, विकास नरुला, अमन सुखीजा, निखिल सलूजा, जय प्रकाश व उमंग खुराना उपस्थित रहे।