फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बड़े नोटों पर प्रतिबंध से मचा हड़कंप

Wed, 09 Nov 2016 01:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
विज्ञापन
एक हजार के नकली नाेट
विज्ञापन
शील भारद्वाज
विज्ञापन

बुधवार की रात प्रधानमंत्री द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोट पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा से लोगों में हड़कंप मच गया। बाजार बंद हो चुके थे। लोग पेट्रोल पंपों और बैंकों के एटीएम की ओर दौड़ पड़े । आने वाले दो दिन एटीएम बंद रहने की खबर के कारण कोई अपनी जरूरत के लिए रुपये निकालने पहुंचा, कोई बैंकों की रिसीविंग मशीनों पर रुपये जमा कराने पहुंचा तो कोई पेट्रोल खरीदने के बहाने पंपों पर रुपये खपाने पहुंचा।
500 और 1000 रुपये के नोट पर प्रतिबंध लगने और दो दिन तक एटीएम बंद रहने की खबर मिलते ही वे लोग सक्रिय हो गए, जिनक ो पैसे की जरूरत थी अथवा जिनके पास 500 और 1000 रुपये के नोट रखे थे। इन बड़े नोटों को बैंकों में जमा कराने की कोशिश की जाने लगी। सदर थाने के सामने स्टेट बैंक आफ बीकानेर एंड जयपुर की ई-लाबी में देर रात तक भीड़ लगी रही। यहां रुपये निकालने के साथ-साथ रुपये जमा कराने की मशीनें भी लगी हैं। इसलिए यहां सबसे ज्यादा भीड़ रही।
विज्ञापन

बहादुरगढ़ में 35 बैंक शाखाएं और 50 से ज्यादा एटीएम हैं। सबसे ज्यादा बैंक और एटीएम इसी रोड पर हैं। लेकिन यहां एचडीएफसी बैंक को छोड़ सभी बैंकों के एटीएम बंद थे। इसलिए ग्राहकों को यहां से बैरंग लौटकर शिव चौक या थाने के सामने पहुंचना पड़ा। शिव चौक स्थित एसबीआई और एचडीएफसी बैंक के एटीएम में बहुत लोग पैसे निकालने पहुंचे। अमर उजाला प्रतिनिधि को एक परिवार


पेट्रोल पंपों पर रात को ही लगी भीड़
अपने बड़े नोटों को खपाने के लिए पेट्रोल पंपों पर भी काफी भीड़ जुट गई। लोगों ने कारों, बाइकों, स्कूटरों व ट्रकों में भी डीजल/पेट्रोल भरवाया। एक पेट्रोल पंप के सेल्समैन सुनील ने स्कूटी में पेट्रोल भरने से पहले उसकी मालिक महिला को खुले पैसे देने को कहा तो उसने 1000 रुपये का नोट थमा दिया। तमाम ग्राहकों ने बड़े नोट दिए। दिल्ली रोड स्थित एक पेट्रोल पंप की अब से पहले हर रोज 24 घंटे में करीब 1500 लिटर डीजल और इतने ही पेट्रोल की बिक्री होती थी। लेकिन बुधवार रात को ही दोनों की बिक्री मिलाकर 10,000 लिटर से ज्यादा हुई।
विज्ञापन


आप ने की निंदा
आम आदमी पार्टी के शमशेर सिंह जून ने सरकार के इस फैसले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस फरमान से आम जनता परेशान होगी। व्यापारी वर्ग भी बहुत परेशान होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें