ओले और बारिश ने तोड़ी गेहूं की फसल, आंखों से बहे आंसू
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पिछले तीन दिनों से हुई बारिश व ओलावृष्टि ने क्षेत्र में कई एकड़ गेहूं की फसल को तबाह कर दिया। अपनी मेहनत पर पानी फिरा देख पीड़ित किसानों की आंखों से आंसू बह निकले हैं। किसानों ने गेहूं की फसल के अलावा प्याज की फसल को भी नुकसान की संभावना जताई है। मंगलवार को बेरी कस्बे के किसानों ने सरकार से फसल खराबे के मुआवजे की मांग की है।
पिछले कई दिन से मौसम के बदले मिजाज से गेहूं की फसल पर संकट के बादल छाए देख किसानों की चिंता बढ़ रही है। क्षेत्र में कई स्थानों पर बारिश के साथ ओलावृष्टि से गेहूं की फसल जमीन पर बिछने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। फिलहाल गेहूं की फसल की बालियों में दाना बन रहा है।
गेहूं की अगेती फसल तो करीब 20-25 दिन में पककर तैयार भी हो जाएगी। ऐसे में मौसम द्वारा अचानक से करवट बदलने से किसानों का चिंतित होना लाजिमी है। क्षेत्र में सप्ताह भर पहले भी बूंदाबांदी के साथ तेज आंधी और ओलावृष्टि ने गेहूं की फसल को जमीन सूंघा दी थी। अब पिछले तीन दिन पहले हुई बारिश के साथ ओलावृष्टि से फसल में नुकसान की अधिक संभावना बढ़ गई है।
बेरी निवासी जैन ने बताया कि पांच एकड़ में प्याज की खेती कर रखी थी व तैयार थी और सोमवार को सुबह ओले व उसके बाद एकाएक बारिश आई है उससे सारी प्याज खराब हो गई है। सरकार द्वारा जो मुआवजा दिया जाता है वह लागत से भी कम होता है। खेती के समय लागत ज्यादा होती है और जब खेती तैयार खड़ी है तो एकदम सारी उम्मीदें टूट जाती हैं।
शिव कैलाश ने बताया कि पांच एकड़ में प्याज की खेती कर रखी थी और पिछले तीन दिनों से हुई बरसात व ओलों से प्याज की खेती तबाह हो गई है जिससे किसान बर्बाद होने की कगार पर है और सरकार से पूरे मुआवजे की मांग करते है।
किसान प्रदीप ने बताया कि सोमवार को पहले सुबह ओले गिरे जिससे पूरी गेहूं की फसल की बाली बिछ गई है। किसान फसल खराब होने के बाद बर्बाद हो गया है ओलों के कारण किसानों की फसलें सारी की सारी खराब हो गई है।
किसान सोमवीर ने बताया कि तेज गति से चली हवाओं से गेहूं की बाली खेतों में बिछ गई उसके बाद तेजी से ओले गिरने आरंभ हो गए थे और पिछले साल के कर्ज से किसान उभर भी नही पाया था अब पिछले तीन दिनों से हुई बरसात और ओलों ने किसानों को रोड पर ला दिया सरकार से किसानों ने मांग की है कि फसलों की स्पेशल गिरदावरी करके फसल का पूरा मुआवजा दिया जाए।