धनतेरस पर बिका आठ करोड़ का सोना
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धनतेरस के त्यौहार पर बाजार और खरीदार दोनों ही सजे दिखे। सुबह से ही बाजार में लोगों का आवगमन शुरू हो गया, जोकि देर शाम तक चलता रहा। आलम यह था कि शाम के समय मेन बाजार में सुई तक रखने की जगह नहीं थी। बाजार में दूर-दूर तक महिलाएं व युवतियां ही दिखाई दे रही थी। लोगों ने जमकर खरीदारी की। हालांकि करीब-करीब सभी दुकानों पर भीड़ उमड़ी। लेकिन सबसे ज्यादा भीड़ बर्तनों और ज्वैसर्ज की दुकानों पर उमड़ी। महिलाओं ने जमकर चांदी के बर्तनों और दूसरे बर्तनों की खरीददारी की। जिसके चलते दुकानदारों के चेहरों पर भी रौनक दिखाई दी और दुकानदार भी दिनभर व्यस्त दिखाई दिए। उधर, सुरक्षा के मद्धेनजर बाजार में व्यापक व्यवस्था की गई। बाजार में जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस राईडरस और पीसीआर निरंतर गश्त करती रही।
दीपावली पर्व से दो दिन मनाए जाने वाले धनतेरस पर्व की धूम रही। लोगों ने अलसुबह मंदिरों और घरों में विशेष पूजा अर्चना की। वहीं शाम को महिलाओं ने अपने घरों में दीप प्रज्जवलित किए। अबकि बार बाजारों में खास बात यह देखने को मिली कि लोगों ने स्वदेशी सामान को विशेष त्वज्जों देते हुए खरीददारी की। दुकानदार राम ने बताया कि पिछले काफी दिनों से बाजार में ग्राहकों की कमी थी। लेकिन धनतेरस पर लोगों ने खूब खरीददारी की है। स्वदेशी निर्मित बर्तनों की मांग रही है और लोगों ने स्वदेशी माल ही खरीदा है। वहीं ज्वैलर्स घनश्याम वर्मा ने बताया कि पहले की अपेक्षा कम बिक्री हुई है। लोगों की मांग कम रही हैपहले वर्षो की तुलना में अबकि बार आधा कारोबार ही हुआ है।
अंधविश्वास के चलते किरयाणा संचालकों की हुई चांदी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मैजेस कि धनतेरस के दिन झाडू खरीदने से लक्ष्मी का आगमन होता है। लोगों के सिर चढ़कर बोला। अंधविश्वास के कारण लोगों ने जमकर झाडू की खरीददारी की। दुकानदार संदीप सिंगल ने बताया कि करीब पांच सौ से अधिक झाडुओं की बिक्री हुई है। स्टॉक कम था बाद में और मंगवाया है। खिल- खिलौनों की जगह झाड़ू ज्यादा बिकी है।
मिट्टी के दीयों की जमकर हुई बिक्री
चाईनीज सामान के बहिष्कार के चलते बाजार में दीयों की जमकर बिक्री हुई। पहले वर्षो की तुलना में अबकि बार दीयों की बिक्री कई गुणा बढ़ी। जिसके चलते प्रजापति समाज के लोगों पर खुशी दिखाई दी। प्रीत प्रजापति ने बताया कि कई वर्षो में दीओं की इतनी बिक्री हुई है। जिसके चलते खुशी हो रही है। अबकि बार त्यौहार मनाने का अलग ही आनंद होगा।