प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद प्रदेश सरकार में हड़कंप मच गया है। यह कहना है प्रदेश के पूर्व सिंचाई एवं बिजली मंत्री कैप्टन अजय यादव का। अजय यादव वीरवार को स्थानीय कृष्ण भवन में कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने पहुंचे थे। यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्री भी दो गुटों में बंट चुके हैं। कुछ मंत्री रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के पक्ष में हैं तो कुछ रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के खिलाफ। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, सांसद राजकुमार सैनी व सांसद अश्वनी कुमार इस पूरी हिंसा को भड़काने के लिए अपने ही दो मंत्रियों पर आरोप लगा रहे हैं। इन दोनों मंत्रियों का नाम भी जनता के सामने आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रकाश सिंह रिपोर्ट पर जांच के समय कोई दबाव था तो उसे जनता के सामने बताया जाना चाहिए। उलटा भाजपा ही ऐसा किए जाने से उन्हें रोक रही है और मीडिया से बचने की सलाह दे रही है। जाटों को दिए गए आरक्षण पर कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक पर कैप्टन यादव ने इसे सरकार की कमी बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने जल्दबाजी में आरक्षण दिया। बिना सर्वेक्षण के जाटों को आरक्षण दिया जाना उचित नहीं है। उन्होंने जस्टिस केसी गुप्ता द्वारा बनाई गई रिपोर्ट पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि जस्टिस गुप्ता की रिपोर्ट फर्जी है। उसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने सरकार पर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का आरोप भी लगाया और सरकार की नीतियों को भी आमजन और कर्मचारी विरोधी बताया। इस अवसर पर बादली से पूर्व विधायक नरेश शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रमेश वाल्मिकी, यादव समाज से राव धर्मपाल सहित अन्य भी मौजूद रहे।