हरियाणा के झज्जर के जहांगीरपुर गांव में एक ईट भट्ठे पर कूड़े में आग लगा रहे दो मासूम ज्वलनशील पदार्थ की शीशी में हुए विस्फोट से झुलस गए। गंभीर हालत में दोनों को पहले सामान्य अस्पताल और बाद में पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया है। दोनों करीब 70 फीसदी झुलस गए हैं।
मूल रूप से बिहार के शेखपुरा जिले के हनुमानपुरा गांव निवासी धमेंद्र और धीरवान भट्ठे पर कच्चे मकानों में ही रहते हैं। वह 10 दिन पहले ही जहांगीरपुर के भट्ठे पर परिवार के साथ काम करने आए थे। मंगलवार को भट्ठे में श्रमिकों को खर्चा दिया गया था। उसके बाद उनके माता-पिता बच्चों को भट्ठे पर छोड़ कर सामान लेने के लिए झज्जर बाजार में चले गए थे।
पीछे से धर्मेंद्र का चार साल का बेटा बंटी और धीरवान की पांच साल की बेटी बबीता ने खेल खेल में वहां पडे़ कूडे़ के ढे़र में आग लगा दी। इस दौरान कूड़े में पड़ी एक ज्वलनशील पदार्थ की शीशी भी उन्होंने आग में फेंक दी। आग में गर्म होकर फट गई और दोनों मासूम आग में झुलस गए। उनकी चीख पुकार सुनकर लोग उन्हें बचाने दौडे़। वहां पर काम करने वाले अन्य कर्मचारियों व श्रमिकों ने उन्हें सामान्य अस्पताल में ले गए। बताया जा रहा है कि दोनों करीब 70 फीसदी झुलस गए हैं।
भट्ठे पर काम करने वाले श्रमिकों को भट्ठा मालिक की ओर से मूलभूत सुविधा दी जाती हैं। कुछ समय पर उनके मेडिकल टेस्ट पर कराए जाते हैं। दो मासूमों के झुलसने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी।
-राहुल कुमार, अस्टिटेंट लेबर ऑफिसर