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साहब डाक्टर ही नहीं तो हम अस्पताल का क्या करें

Wed, 29 Jun 2016 12:59 AM IST
ब्यूरो_अमर उजाला_झज्जर
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चेयरमैन - फोटो : bureau
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साहब, जब अस्पताल में डाक्टर ही नहीं हैं तो किससे परामर्श लें, किससे दवाइयां लें..यह गुहार बादली सीएचसी में आए मरीजों ने जिला परिषद के चेयरमैन परमजीत सोलधा के समक्ष लगाई। चेयरमैन मंगलवार को सीएचसी का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। 
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मंगलवार दोपहर एक बजे जिला परिषद के चेयरमैन परमजीत सोलधा और जिला पार्षद मामन ठेकेदार की गाड़ी जब बादली स्थित सीएचसी में पहुंची तो वहां मौजूद स्टाफ के होश उड़ गए। जब चेयरमैन ने हाजरी रजिस्टर चैक किया तो वह स्वयं भी हैरान रह गए। हाजरी रजिस्टर में चिकित्सक के हस्ताक्षर थे, लेकिन वह गैर हाजिर था। वहीं किसी चिकित्सक का दो से तीन दिनों तक का कालम खाली पड़ा था। अस्पताल में मौजूद एकमात्र चिकित्सक एवं एमओ प्रशांत चेयरमैन को गैर हाजिर चिकित्सकों के फिल्ड में होने की बात कहते नजर आए। मगर बाद में जिला चिकित्सा अधिकारी श्रीराम सिवाच से फोन पर बात करने के बाद एमओ प्रशांत ने अन्य चिकित्सकों के गैर हाजिर होने की बात कबूली।
ये मिली स्थिति
सीएचसी में 5 एमबीबीएस डाक्टर है। जिनमें दंत चिकित्सक मोनिका हाजरी लगाकर गैर हाजिर, आयुर्वेदिक अधिकारी डाक्टर मोनिका गैर हाजिर, डाक्टर सुमनलता दो दिन से गैर हाजिर मिली जबकि सरीता गौरी झज्जर चली गई हैं। वहीं सीएचसी के एंबुलेंस चालक सोमबीर ने बताया कि एंबुलेंस भी कई माह से खटारा हालत में हैं। औचक निरीक्षण के दौरान चेयरमैन के साथ पार्षद ठेकेदार सहित पूर्व पार्षद धर्मेंद्र गुलिया भी मौजूद रहे। 
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हाजरी के बाद रूम पर ताला
निरीक्षण के दौरान डा. मोनिका के रूम पर ताला लटका हुआ था। फोन पर डा. मोनिका ने झज्जर में दंत विभाग की बैठक होने की बात कही, मगर बैठक वाली बात को जिला चिकित्सा अधिकारी श्रीराम सिवाच ने नकारते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन चेयरमैन को दिया। डा. मोनिका के हाजरी रजिस्टर में हस्ताक्षर तो थे, मगर रूम पर ताला लटका हुआ था। 
गैर हाजिर मिली एएमओ
हाल में ही सीएचसी में आयुर्वेदिक ओपीडी शुरू की गई है। इसके लिए डा. मोनिका को एएमओ नियुक्त किया गया है। मगर मंगलवार को डा. मोनिका की हाजरी लगी होने पर भी सीएचसी में नहीं मिली। ऐसे में आयुर्वेदिक दवाइयां लेने वाले रोगियों को खाली हाथ ही वापस जाना पड़ा।  
हाजरी कालम खाली
एमबीबीएस सुमनलता दो दिन से बिना किसी सूचना के गैर हाजिर चल रही हैं। उनके हाजरी रजिस्टर का कॉलम भी दो दिन से खाली मिला। डा. प्रशांत ने बताया कि यह काम एसएमओ का है और उन्होंने सोमवार और मंगलवार को उनकी गैर हाजरी क्यों नहीं लगाई, इसके बारे में एसएमओ ही जवाबदेह हैं।  
प्रदेश सरकार को भेजेंगे रिपोर्ट
चेयरमैन परमजीत सोलधा ने चिकित्सकों की गैर हांजरी पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि यह सब स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का परिणाम है, जिसे प्रदेश सरकार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। बादली सीएचसी में जो लापरवाही उजागर हुई है, उसकी रिपोर्ट बनाकर प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी।
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