भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी में स्थान न मिलने पर झज्जर जिले के कई नेताओं में असंतोष है। कद्दावर नेता इस बात को दबी जुबान स्वीकार भी कर रहे हैं। हालांकि नेताओं को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इसकी भरपाई के एवज में सरकार से उनको कोई पद मिल सकता है।
पुरानी टीम के नौ चेहरे रखे गए दूर
प्रदेश भाजपा की पिछली कार्यकारिणी में झज्जर जिले के 9 नेता सदस्य थे, लेकिन इस बार दो घटाकर 7 लोगों को प्रांतीय टीम में शामिल किया। पिछली कार्यकारिणी में शामिल रहे नेताओं में से 9 को इस बार कार्यकारिणी में ही स्थान नहीं मिला। इन नेताओं का जोश आजकल कम दिखता है। वहीं सरकार से पद की उम्मीद लगाए बैठे कई नेताओं का कहना है कि पार्टी जहां उपयोगिता समझेगी, वो वहीं काम करेंगे। इनमें छह तो बहादुरगढ़ के निवासी हैं। बता दें कि बहादुरगढ़ के विधायक नरेश कौशिक का नाम भी प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला की टीम में शामिल नहीं है। विधायक ने कहा कि पार्टी में एक व्यक्ति-एक पद की नीति का पालन होता है, इसलिए वह विधायक रहते भी पार्टी व जनता के लिए पूरा काम करेंगे।
अनुभव व धन भी नहीं आ पाया काम
इस बार वंचित रहे पूर्व कार्यकारिणी सदस्यों में कई और नाम हैं। पूर्व जिला प्रधान बेरी हल्के से दावा करते रहे बहादुरगढ़ निवासी रविभान राठी कार्यकारिणी में अपना नाम शामिल कराने में सफल नहीं हुए। कई बार कार्यकारिणी के सदस्य रहे अनुभवी कार्यकर्ता राजपाल शर्मा का नाम भी इस टीम से गायब है। विधानसभा चुनाव से पूर्व पार्टी में शामिल हुए पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अशोक गुप्ता को अपने अचूक अस्त्र धनबल के सहारे भी कार्यकारिणी में स्थान नहीं मिला। लंबे समय से भाजपा के कार्यकर्ता बामनोली निवासी रमेश छिल्लर भी रह गए। जबकि खुद को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का करीबी बताने वाले आसौदा के विनय पंडित का नाम भी इस बार भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में नहीं आया। झज्जर के पूर्व विधायक व पिछले चुनाव में पार्टी प्रत्याशी रहे दरियाव सिंह राजौरा पिछली टीम में तो थे, लेकिन इस बार उनको मौका नहीं दिया गया। इसी तरह झज्जर हल्के से कमलेश अत्री व धर्मेंद्र खातीवास को भी इस बार जिम्मेदारी नहीं दी गई।
कई नेताओं को मिल गया संबंधों का लाभ
नई टीम में सबसे ज्यादा नुमांइदगी झज्जर हल्के को मिली है। झज्जर विधानसभा क्षेत्र से सुनीता चौहान, दिनेश गोयल व कांता देवी को मौका मिला है। बेरी से डॉ. किरण कलकल व विक्रम कादयान सदस्य हैं। बादली से दिनेश शास्त्री और बहादुरगढ़ से आजाद सिंह तूर को कार्यकारिणी में सदस्य के नाते जगह मिली है। जिला अध्यक्ष के नाते बिजेंद्र दलाल का नाम तो प्रदेश कार्यकारिणी में स्वत: ही शामिल माना जाएगा। माना जा रहा है कि सुनीता चौहान महिला कोटे से, विक्रम कादयान बाबा रामदेव व कैप्टन अभिमन्यु के नजदीकी, दिनेश गोयल कैप्टन अभिमन्यु के सहयोगी, आजाद सिंह तूर मंत्री कृष्ण पंवार के नजदीकी, पूर्व मंत्री कांता देवी आरक्षित कोटे से और किरण कलकल को कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की सहयोगी होने की वजह से लाभ मिला है।
मुखिया ने बताई संतुलित टीम
पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला की अगुवाई में बहुत संतुलित व मजबूत प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया है। सभी का कार्यकारिणी में रहना जरूरी नहीं होता। पार्टी के लिए सबकी अपनी-अपनी उपयोगिता है। भाजपा के सभी कार्यकर्ता पार्टी के लिए समर्पित हैं।
बिजेंद्र दलाल, जिला अध्यक्ष