इन दिनों क्षेत्र में रबी फसल की बिजाई का काम जोरशोर से चल रहा है, मगर बिजली समस्या ने किसानों की परेशानी बढ़ा रखी है। बार-बार कट लगने से जहां गेहूं की बिजाई का कार्य प्रभावित हो रहा है, वहीं सरसों की सिंचाई में बाधा उत्पन्न हो रही है। किसानों ने बिजली निगम से 15 दिन तक पर्याप्त बिजली आपूर्ति की मांग की है। बादली बिजली सब स्टेशन से क्षेत्र के 23 गांवों में बिजली की सप्लाई की जाती है। इनमें अधिकतर गांवों में घरेलू और किसान फ ीडर अलग अलग नहीं हैं जिससे बिजली का लोड बढ़ जाता है। इसी लोड के चलते बार-बार कट भी लग जाते हैं। बाढ़सा गांव के गांधी और रणबीर का कहना है कि किसानों को वर्तमान समय में अतिरिक्त बिजली का शेड्यूल बनाना चाहिए। वहीं देवरखाना के किसान संदीप का कहना है कि खेत में जब सिंचाई कार्य किया जाता है तो बीच में कट लगने से पानी की बहाव रुक जाता है। ऐसे में दोबारा बिजली आती है तो खेत में दोबारा से सिंचाई कार्य करने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। दरियापुर, गुभाना, माजरी सहित कई गांवों में खेतों की लाइन को घरेलू फीडर से जोड़ा गया है। वैसे घरेलू शेड्यूल में बिजली की सप्लाई 14 घंटे हैं जबकि खेतों के लिए बिजली का शेड्यूल मात्र 8 घंटे ही है। मगर घरेलू फीडर में बार-बार कट लगते हैं। निमाना, सौंधी, लाडपुर, बामड़ोला, पेलपा में खेतों के लिए अलग से फीडर है। जहां खेतों में अलग से फीडर है वह किसान तो बिजली का शेड्यूल बढ़ाने की मांग कर रहे है जबकि जहां पर घरेलू फीडर से बिजली है वह अलग से फिडर की मांग कर रहे हैं।
कृषि अधिकारी बोले
कृषि अधिकारी प्रदीप राठी ने किसानों को जल्द जल्द से गेहूं की बिजाई करने की सलाह दी है ताकि समय पर गेहूं की बिजाई करने से अच्छी पैदावार हो सके। उन्होंने सलाह दी है कि गेहूं की बिजाई का सबसे उत्तम समय चल रहा है और किसानों को दिन रात जुट कर बिजाई कार्य पूरा कर लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि अभी तक करीब 40 प्रतिशत गेहूं बिजाई का कार्य नहीं हो सका है।
बिजली अधिकारी के अनुसार
बादली स्थित बिजली सब स्टेशन के एसडीई खूबचंद का कहना है कि दरियापुर गांव में ट्यूबवेल के मात्र 60 कनेक्शन है। जबकि गुभाना और माजरी में नाममात्र के किसानों के पास ही ट्यूबवेल कनेक्शन है जिसके चलते उन्हें घरेलू फीडर से ही बिजली सप्लाई की जा रही है। शेड्यूल से ज्यादा बिजली ऊपरी आदेशों के बाद ही सप्लाई की जा सकती है।