सोमवार को बैंकों की छुट्टी होने के कारण आमजन को एक बार फिर परेशानी से दो चार होना पड़ा। कई दिनों से नोट बदलने की परेशानी से जूझ रहे लोगों का कहना है कि बैंक में लाईन में लगकर जैसे तैसे करके रुपयों का जुगाड़ कर लेते थे। लेकिन सोमवार को बैंक बंद होने के कारण परेशानी दोगुनी हो गई। छुट्टी होने के कारण बैंक कर्मियों को भले ही कुछ राहत मिली लेकिन आमजन के लिए परेशानी को और अधिक बढ़ा दिया। इस संबध में आमजन का कहना है कि सरकार को पहले बैंक की व्यवस्थाओं को सुचारू करना चाहिए था उसके बाद ही इस प्रकार का फैंसला लेते। अब शादी विवाह के समय पर आई इस परेशानी के कारण काम और भी बढ़ गया है। उनका कहना है कि इस समय पर वैसे ही घर में कार्य बढ़ जाते हैं और ऊपर से ये नोट बदलवाना एक विकराल समस्या के समान है।
लेबर नहीं ले रही 500 व 1000 के पुराने नोट
ठेकेदारों को भी नोटों की परेशानी के कारण दो चार होना पड़ रहा है। किसी भी काम के लिए लगाई गई लेबर 500 व 1000 के नोटों को लेने से मना कर रही है। रुपयों के अभाव में कोई भी काम सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है। लेबर का कहना है कि पहले 100 के नोट देने का वायदा करो उसके बाद ही काम पर आएंगे।
500 व हजार के नोटों से कर सकते हैं पानी बिल की अदायगी
जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई सूचना के अनुसार अब आप पुराने नोटों से पानी के बिल की अदायगी भी कर सकते हो। इस संबंध में जन स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों द्वारा मुनादी भी कर दी गई है। अब कोई भी उपभोक्ता एक निश्चित अवधि तक पुराने नोटों के सहारे ही पानी के बिल की अदायगी कर सक ते हैं।
एटीएम भी नहीं कर रहे काम
बैंकों की छुट्टी होने के साथ साथ एटीएम मशीनें भी काम ना करने के कारण लोगों की यह आस भी टूट रही है। गांवों से एटीएम मशीन से कैश निकलवाकर घर का सामान खरीदने आए ग्रामीणों को खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है। इस चरमराई एटीएम मशीन की अव्यवस्था के कारण भी बाजरों में ग्राहकी पर काफी प्रभाव देखने को मिला।