दुजाना-धौड़ लिंक ड्रेन ओवरफ्लो होने के कारण बेरी व दुजाना के किसानों करीब 600 एकड़ धान की फसल डूब गई। फसल डूबने के बाद किसानों ने आरोप लगाया है कि विभाग के अधिकारियों की ओर से सांपला डिविजन की लिंक ड्रेन का पानी दुजाना, धौड़ लिंक ड्रेन में डाला जाता है। इसके कारण हर वर्ष किसानों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
किसानों ने अपने खेतों में कुछ दिनों पहले की धान की फसल लगाई थी और अब खेतों में फसल डूब गई है। किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई कि समस्या का समाधान जल्द से जल्द किया जाए। किसान बलजीत, सुरेंद्र अहलावत, अरूण, सज्जन, रामचंद्र, संदीप, मोनू, प्रवीन आदि ने बताया कि खेतों में पानी की मुख्य समस्या यह है कि विभाग द्वारा सांपला डिविजन की लिंक ड्रेन को दुजाना, धौड़ लिंक ड्रेन को जोड़ने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके चलते किसानों को करीब 600 एकड़ फसल डूब गई।
पिछले वर्ष चीफ इंजीनियर ने किया था दौरा
किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष फसल डूब जाने के बाद सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर ने दौरा किया था। दौरे के दौरान किसानों ने समस्या के बारे में अवगत कराया था। किसानों को आश्वासन दिया था कि सांपला डिविजन की लिंक ड्रेन का पानी दुजाना-धौड़ लिंक ड्रेन में नहीं डाला जाएगा। लेकिन उसके बाद भी दुजाना-धौड़ लिंक ड्रेन में पानी डालने के बाद ड्रेन ओवरफ्लो होने के कारण खेतों में किसानों की फसल डूब गई।
क्षमता से ज्यादा पानी आने पर डूबती है फसल
किसान सुरेंद्र अहलावत ने बताया कि बेरी व दुजाना के खेतों में पानी भराव की मुख्य समस्या यह है कि धांधलान, गोच्छी, लकड़िया, शेरिया गांव के खेतों का पानी विभाग की ओर से दुजाना-धौड़ लिंक ड्रेन में डाला जा रहा है। दूसरे जिले के पानी से बेरी व दुजाना के किसानों की फसल हर साल डूब जाती है। जिससे किसानों हर साल लाखों रुपये का नुकसान होता है।
बेरी व दुजाना के किसानों की डूबी फसल का मुआयना किया जाएगा। खेतों में जलभराव के लिए विभाग की ओर से मोटरें चलवाई जा रही हैं। जहां से भी किसानों की समस्या की सूचना मिलती है। किसानों का समाधान करवाया जा रहा है। लकड़िया, शेरिया, गोच्छी धांधलान लिंक ड्रेन का पानी दुजाना-धौड़ लिंक ड्रेन में डाला जा रहा है तो वीरवार को मौके का मुआयना किया जाएगा, ताकि किसानों को परेशानी न हो।
- रविंद्र कुमार, एसडीएम, बेरी।