जम्मूतवी एक्सप्रेस में डकैती डालने और राहगीरों को लूटने की योजना बनाते गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने धर दबोचा है। छापामार कार्रवाई के दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग भी की। इसमें दो पुलिस कर्मचारी छर्रे लगने से घायल हो गए जबकि गिरोह के तीन बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब हो गए।
पुलिस के घायल जवानों को उपचार के लिए ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। फरार बदमाशों की धर पकड़ के लिए पुलिस की टीम छापामारी कर रही है।
जीआरपी प्रभारी सुरेंद्र सिंह को शुक्रवार की रात सूचना मिली कि बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन के यार्ड के पास पांच युवक यहां से गुजरने वाली जम्मूतवी एक्सप्रेस में डकैती डालने और राहगीरों को लूटने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई कर जीआरपी और आरपीएफ की टीमें गठित की गईं। आरपीएफ के एसआई वरुण दलाल और कांस्टेबल ललित को सादी वर्दी में यार्ड की तरफ भेजा गया।
अंधेरे में बदमाशों ने उनको घेरकर लूटने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों को घिरता देखकर जीआरपी से गठित एक टीम में एसआई सुखबीर सिंह, ईएएसआई (इग्जंपटी असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर) रवींद्र, हेड कांस्टेबल राजेश, कांस्टेबल कुलदीप के अलावा दूसरी टीम में धर्मबीर, बिजेंद्र और राजेश ने घेराबंदी की तो बदमाशों ने उन पर फायरिंग कर दी। इसमें एसआई सुखबीर और ईएएसआई रवींद्र छर्रे लगने से घायल हो गए।
पुलिस की संयुक्त टीम ने तुरंत कार्रवाई कर दो बदमाशों जिनमें धर्मेंद्र पुत्र मन्नु और विक्की पुत्र कालूराम निवासी गांव अलुउद्दीनपुर जाट्यान खानपुर, शामली, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान पुलिस ने धर्मेंद्र के पास से 315 बोर का अवैध हथियार और एक राउंड भी बरामद किया।
पूछताछ के दौरान बदमाशों ने बताया कि डकैती की योजना बनाने में उनके साथी उत्तर प्रदेश, शामली के गांव मस्तगढ़ निवासी कुंदन पुत्र बिशननाथ, दीपक पुत्र डोगर और कन्हैया पुत्र मुरारीलाल भी शामिल थे। उक्त तीनों आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए। उनके पास चाकू, सरिया, राड सहित अन्य हथियार थे। पकड़े आरोपियों धर्मेंद्र और विक्की को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। जहां से उनको न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पकड़े गए बदमाश और उनके साथी ट्रेनों में हुई लूट की कई वारदातों में शामिल रहे हैं। वे उत्तर प्रदेश के शामली से दिल्ली तक ट्रेन में सवार होकर आते थे। दिल्ली में प्लान बनाकर अलग-अलग स्थानों को रवाना होते थे। प्रारंभिक पूछताछ में बदमाशों से पता चला है कि वे हरियाणा में करीब दो-तीन माह से सक्रिय थे। इससे पहले गाजियाबाद और दिल्ली में ट्रेनों में लूटपाट की कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। इनकी जम्मूतवी को लूटने की योजना थी। बहादुरगढ़ में जम्मूतवी और हिमसागर एक्सप्रेस में लूट की दो वारदातों के बाद पुलिस अलर्ट हो गई थी। पुलिसकर्मियों द्वारा बिछाए जाल में आखिरकार लूटपाट के आरोपी फंस ही गए।
इलाज के लिए भटकते रहे पुलिसकर्मी
बदमाशों द्वारा चलाई गई गोली के छर्रे लगने से घायल एसआई सुखबीर और ईएएसआई (इग्जंपटी असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर) रवींद्र को रात से लेकर शनिवार दोपहर तक इलाज के लिए भटकना पड़ा। साथी पुलिस कर्मी उनको ट्रामा सेंटर ले गए, वहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने इंजेक्शन देकर हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए कहा। शनिवार दोपहर तक वे चिकित्सक के आने का इंतजार करते रहे। कभी ओपीडी में तो कभी एक्स-रे रूम में लेकिन भटकने के बावजूद भी उनको समय पर इलाज नहीं मिला।