कृषि, ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की ओर से बुलाए गए सद्भावना सम्मेलन में पहुंचे सरपंच व अन्य पंचायत प्रतिनिधि हिंसाग्रस्त लोगों के लिए राहत राशि जुटाने की मंत्री की अपील पर असहज दिखे। हालांकि विभिन्न ब्लॉकों में हुए इस सम्मेलन में एक करोड़ रुपये के दान का एलान हुआ, लेकिन सम्मेलन में जुटे सरपंच इसके लिए दबाव में दिखे।
अपने गांव की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में राशि लिखवाने की बारी आयी तो कुछ सरपंच बचते भी दिखे, लेकिन बच नहीं पाए। वे इस पेशोपेश में रहे कि न दें तो मुश्किल, लिखवा भी दें तो जुटाएं कहां से। मंत्री खुद इसमें रुचि ले रहे थे, इस कारण सरपंच दान से मुंह नहीं मोड़ पाए। मुख्यमंत्री राहत कोष में एक साथ एक करोड़ रुपये का दान झज्जर के इतिहास में पहली बार हुआ।
कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने शनिवार को झज्जर जिले में सभी पांच खंडों झज्जर, साल्हावास, बेरी, मातनहेल व बहादुरगढ़ के सभी सरपंचों व पंचायत समिति के सदस्यों से सद्भावना सम्मेलन के जरिए संवाद किया। झज्जर व साल्हावास खंड का सम्मेलन झज्जर में लघु सचिवालय परिसर स्थित नवनिर्मित संवाद भवन, बेरी व मातनहेल खंड का बीडीपीओ कार्यालय परिसर के हॉल तथा बहादुरगढ़ खंड का बीडीपीओ कार्यालय में आयोजित हुआ।
सद्भावना सम्मेलन में मुख्य संसदीय सचिव एवं झज्जर जिले की लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की अध्यक्ष सीमा भी उपस्थित रहीं।
संवाद में धनखड़ ने रखी तीन बात
ओमप्रकाश धनखड़ ने नवनिर्वाचित सरपंचों व पंचायत समिति के सदस्यों के समक्ष हरियाणा के वर्तमान हालात के संदर्भ में तीन बात रखीं।
जिनमें सभी सरपंच अपने गांव में ऐसी किसी घटना को नहीं होने देंगे, जिससे 36 बिरादरी का भाईचारा प्रभावित हो। अगर कोई व्यक्ति या संस्था इस भाईचारे को बिगाड़ने की कोशिश करें तो उसकी सूचना प्रशासन को दें। दूसरी बात उन्होंने ग्राम स्तर पर सामूहिक प्रयासों से चंदा एकत्रित कर मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराएं।
तीसरी बात में उन्होंने कहा कि उपद्रव के दौरान जिन लोगों का नुकसान हुआ उनकी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने के लिए सभी एक-दूसरे के साथ मिलकर कारसेवा के रूप में श्रमदान करें। उन्होंने कहा कि हरियाणा का माहौल बिगाड़ने वालों ने जो चुनौती पैदा की है कि उसका समाधान सभी वर्गों के लोगों को मिलकर करना होगा।
म्हारा फैसला सुप्रीम कोर्ट के श्रेष्ठतम फैसलों में
सम्मेलन में सीपीएस सीमा त्रिखा ने कहा कि देश के सर्वोच्च न्यायालय ने हरियाणा के पंचायत चुनाव के लिए तय मानदंडों पर सुनाए आदेश को अपने श्रेष्ठतम फैसलों में शामिल किया है। सरकार के निर्णय को अब दूसरे प्रदेशों में अपनाया जाएगा। डीसी अनीता यादव ने सरपंचों को उनके कर्तव्यों, दायित्वों के साथ-साथ हरियाणा व भारत सरकार की ग्रामीण विकास को समर्पित योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्था का प्रतिनिधि प्रशासन-सरकार व जनता के बीच की कड़ी है। इस अवसर पर एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा, एसडीएम पंकज सेतिया, प्रदीप कौशिक,अजय मलिक, डीडीपीओ विशाल कुमार सहित पूर्व विधायक दरियाव सिंह राजौरा, विक्रम कादियान, किरण कलकल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।