उपद्रव की भेंट चढ़े छावनी मोहल्ला में अब हालात सामान्य होने लगे हैं। लोग कुछ भयभीत हैं, लेकिन 21 फरवरी को हुए उपद्रव को वे गर्म हवा का गुजरा हुआ झोंका मानकर नए सिरे से काम-काज शुरू करने की तैयारी में जुट गए हैं।
अकेले छावनी मोहल्ले में करीब 25 पीड़ित व्यक्तियों ने आगजनी और तोड़फोड़ के लिए सरकार से मुआवजा मांगा है। 11 को मिल चुका है, जबकि अन्य को इंतजार है। बात पूरे शहर की करें तो अभी तक नगरपालिका में मुआवजे के लिए 113 आवेदन जमा हो चुके हैं। सर्वे का काम चल रहा है, जल्द ही राहत राशि की दूसरी किस्त भी जारी होने की उम्मीद है।
जला दिया था क्लीनिक, अब रिपेयर की तैयारी
एमबीबीएस डॉक्टर सुनील कुमार का क्लीनिक भी उपद्रव की भेंट चढ़ गया था। छावनी के मेन चौराहे के पास बने क्लीनिक में तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी गई थी। पिछले 10 दिन से सुनील तो क्लीनिक को देखने आ रहा है, लेकिन मरीज नहीं देख पा रहा। मंगलवार को उनको सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की राहत राशि की प्रथम किस्त जारी हुई।
बुधवार को अस्पताल की साफ सफाई की और वीरवार को रिपेयर का काम शुरू होगा। डॉ. सुनील कहते हैं समाज की मुख्य धारा में लौटने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन समय लगेगा। दंगों से दिल को जो घाव मिले हैं, उनको एक दम से भरना संभव नहीं। छावनी के ही चिमनलाल को 43 हजार रुपये मिले हैं।
इनके मकान को जलाया गया था। बताते हैं कि नुकसान का जो आंकलन हुआ था, उसका 25 प्रतिशत जारी किया गया है। अजय, अशोक, प्रवीन, संजय, दलीप, नरेंद्र, कर्मबीर समेत 11 पीड़ित लोगों को मुआवजा आया है। अधिकतर ने मुआवजा मिलने की पुष्टि तो की है, लेकिन कितने रुपये मिले हैं, इसे जानने के लिए वे अपनी बैंक की पासबुक को अपडेट नहीं करा पाए हैं।
अब तक 113 ने किए आवेदन
नुकसान के सर्वे से जुड़े नगरपालिका के सचिव राजेश वर्मा ने बताया कि अभी तक 113 व्यक्तियों ने आवेदन कर उपद्रव के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा मांगा है। सर्वे अभी जारी है और आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। किसी क्षेत्र से कितने आवेदन हैं, इसका अलग से आकलन नहीं किया गया है। मुआवजा राशि सीधे पीड़ितों के बैंक खातों में डाली जा रही है। जल्द ही अन्य पीड़ितों के खातों में भी राशि जारी की जाएगी। ये काम सीधे चंडीगढ़ से हारे रहा है।
अभी तक 36 को जारी हुआ मुआवजा
झज्जर जिले में अभी तक कुल 36 पीड़ितों के लिए 26.55 लाख रुपये राहत की पहली किस्त में जारी हुए हैं। जिन दुकानदारों या व्यापारियों को मुआवजा मिल चुका है, वे अब व्यवसाय को पुन: स्थापित करने के प्रयासों में लग गए हैं। शहर में 20 और 21 फरवरी को उपद्रव में सभी प्रमुख रेस्टोरेंटों को भी निशाना बनाया गया था। अब वहां सब कुछ सामान्य है। रेस्टोरेंट खुल गए हैं और आम दिनों की तरह खाने-पीने के शौकीन लोग पहुंच रहे हैं।
सहायता के साथ न्याय भी चाहिए
जिन पीड़ितों को मुआवजे की पहली किस्त मिल चुकी है, वे अपने संस्थानों को ठीक करने के प्रयास में लग गए है। छावनी में जिन लोगों को बड़ा नुकसान हुआ है, फिलहाल उनको मुआवजा जारी नहीं हुआ है। कई पीड़ितों का सर्वे भी नहीं हुआ है। सामान अभी बिखरा पड़ा है। छावनी के पीड़ितों को न्याय के साथ तुरंत आर्थिक सहायता की जरूरत है।
- रामअवतार सैनी, एडवोकेट