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झज्जर जिले के 42 गांवों में बने आइसोलेशन सेंटर

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झज्जर। घर में आइसोलेट होने की व्यवस्था नहीं होने वाले कोरोना मरीजों के लिए प्रशासन की ओर से विलेज आइसोलेशन सेंटर विकसित किए गए हैं। उन्हें जिला प्रशासन की ओर से बनाए गए सेंटर में रहने के लिए पूर्ण सहयोग दिया जा रहा है।
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जिले में प्रारंभिक चरण में अभी 42 गांवों में विलेज आइसोलेशन सेंटर बनाए गए हैं। कोरोना रोकथाम की दिशा में जिला प्रशासन की ओर से सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। डीसी जितेंद्र कुमार ने कहा कि प्रथम चरण में अभी जिले के 42 गांवों में ये सेंटर शुरू किए गए हैं। दूसरे चरण में 3000 से अधिक की आबादी वाले गांवों में भी इन सेंटर को बनाने की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की गई है। उन्होंने बताया कि इन गांवों में बने आइसोलेशन सेंटर में पंचायत एवं विकास विभाग और ग्रामीणों के सहयोग से इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराया गया है। साथ ही रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से होम आइसोलेशन सेंटर के मरीजों के लिए स्वास्थ्य किट तैयार कर उसका वितरण किया जा रहा है।
सैनिटाइजेशन के साथ ही सफाई व्यवस्था पर पूरा फोकस : त्रिलोकचंद
विलेज आइसोलेशन सेंटर के ओवरऑल इंचार्ज सीईओ डीआरडीए त्रिलोकचंद ने बताया कि जिले में कोरोना रोकथाम के लिए व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि विलेज सेंटर में उन्हीं कोरोना संक्रमित मरीज का रखा जा रहा है जिनके घर में महामारी की इस स्थिति में अलग रहने का स्थान नहीं है। ऐसे में गांवों में चल रहे ग्रामीण स्वास्थ्य सर्वे के तहत जहां कहीं भी कोरोना संक्रमित मरीजों को घर में रहने में असुविधा हो रही है तो उन्हें प्रशासन की ओर से गांव में बनाए गए इन सेंटर में आइसोलेट करने का प्रबंध किया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त सेंटर में रोजाना सफाई व्यवस्था करवाने सहित सैनिटाइजेशन करवाने की प्रक्रिया संबंधित अधिकारियों की देखरेख में करवाई जा रही है। वे स्वयं भी नोडल अधिकारी डीडीपीओ ललिता वर्मा के साथ संबंधित बीडीपीओ को समयानुसार आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं और निगरानी कर रहे हैं।
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इन गांवों में बने विलेज आइसोलेशन सेंटर
विलेज आइसोलेशन सेंटर की नोडल अधिकारी एवं डीडीपीओ ललिता वर्मा ने बताया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्र में प्रारंभिक चरण में हॉट स्पॉट एरिया को कवर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बादली खंड में गांव गुभाना के रावमावि में 10 बेड, दादरी तोए गांव के रावमावि में 10 बेड, बादली के राजकीय महाविद्यालय परिसर में 15 बेड, बहादुरगढ़ खंड के गांव आसौदा टोडरान के रावमावि में 25 बेड, गांव आसौदा सिवान के राकवमावि में 20 बेड, गांव छारा के रावमावि में 30 बेड, गांव डाबौदा खुर्द के रावमावि में 15 बेड, दुल्हेड़ा गांव की दर्शनपाना चौपाल में 15 बेड, गांव जाखौदा के राउवि में 20 बेड, गांव जसौर खेड़ी के राजकीय महिला महाविद्यालय परिसर में 25 बेड, खेड़ी जसौर गांव के राउवि में 10 बेड, लडरावण गांव के राउवि में 20 बेड, गांव लुहारहेड़ी के राउवि में 15 बेड, गांव लोवा कलां के राउवि में 15 बेड, मांडौठी गांव में कबोसिया पाना नई चौपाल में 20 बेड, मातन गांव में धीरजनपाना बड़ी चौपाल में 15 बेड, मेहंदीपुर गांव के रामवि में 15 बेड, निलौठी गांव के राकवमावि में 10 बेड, गांव नूना माजरा के राकवमावि में 20 बेड, गांव सांखौल के राउवि में 20 बेड, सराय औरंगाबाद की राठी चौपाल में 10 बेड, सौलधा के रावमावि में 20 बेड, बेरी खंड के दूबलधन गांव के राकवमावि में 15 बेड, झज्जर खंड के गांव भदानी के रावमावि में 10 बेड, गांव उखलचना के राप्रापा में 10 बेड, गांव तलाव के राकप्रापा में 10 बेड, माछरौली खंड के गांव पाटौदा के रावमावि में 20 बेड, गांव माछरौली के रावमावि में 20 बेड, गांव खुड्डन के राउवि में 20 बेड, खंड साल्हावास के गांव साल्हावास रावमावि में 10 बेड, तुंबाहेड़ी गांव के रावमावि में 10 बेड, गांव ढाकला के रावमावि में 10 बेड, खंड मातनहेल के गांव मातनहेल रावमावि में 10 बेड, खंड बेरी के सिवाना गांव, बादली खंड के एमपी माजरा, गांव जहांगीरपुर, मुनीमपुर, पेलपा, बुपनिया, गोयला कलां, माजरी व लाडपुर गांवों के राजकीय विद्यालयों में 10-10 बेड के विलेज आइसोलेशन सेंटर बनाए गए हैं।
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