बहादुरगढ़। बीडीएस नर्सिंग कॉलेज के संचालक अमरजीत फोगाट के 9 साल के बेटे हुनरजीत का अंतरराष्ट्रीय पैरा जूडो खिलाड़ी रोहतक के कंसाला निवासी मोनू ने अपहरण किया था। मोनू का साला बरानी गांव निवासी मनीष अमरजीत फोगाट की फर्नीचर की दुकान पर काम करता है। उसी ने अपहरण और फिरौती की साजिश रची थी। दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्थानीय और एसटीएफ टीम लगातार छापेमारी कर रही है।
हरियाणा एसटीएफ के एसपी विक्रांत भूषण ने बहादुरगढ़ में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। बताया कि 4 मार्च को सुबह पौने 10 बजे थाना बेरी के बरानी गांव निवासी अमरजीत फोगाट के नौ वर्षीय बेटे हुनरजीत को अगवा कर लिया गया था।
सूचना मिलते ही पुलिस तत्परता से बच्चे की सकुशल बरामदगी में जुटी थी तभी अपहरणकर्ताओं ने हसनगढ़ में एक राहगीर का फोन छीनकर पीड़ित परिवार से पांच करोड़ की फिरौती मांगी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो राहगीर से फोन छीनने वाले की पीड़ित परिवार ने दुकान पर काम करने वाले मनीष के रूप में शिनाख्त की।
इसके बाद तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की और रोहतक में दबिश देकर दोनों को रोहतक से गिरफ्तार कर बच्चा सकुशल बरामद कर लिया गया।
अपहरण के बाद मासूम को 9 घंटे तक इधर-उधर घुमाया
एसपी विक्रांत भूषण ने बताया कि वारदात के बाद आरोपी बच्चे को करीब 9 घंटे तक अलग-अलग स्थानों पर घुमाते रहे। आरोपी पहले मासूम को बेरी से सांपला फिर हसनगढ़ और बाद में सोनीपत ले गए। इसी दौरान हसनगढ़ गांव में एक व्यक्ति का मोबाइल फोन छीनकर फिरौती मांगी। पूछताछ में पता चला है कि दोनों जीजा-साले ने पहली बार अपराध की दुनिया में कदम रखा था।
मोनू ने राष्ट्रीय स्तर पर जीते हैं 11 मेडल
आरोपी मोनू पैरा जूडो का अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुका है। वह वर्ष 2016 के ओलंपिक, 2019 के कॉमनवेल्थ गेम्स, 2021 में अजरबैजान में आयोजित प्रतियोगिता और 2023 के एशियन गेम्स में भी भाग ले चुका है। आरोपी मोनू ने राष्ट्रीय स्तर पर 11 गोल्ड मेडल के साथ दो ब्रॉन्ज और एक कांस्य पदक भी जीते हैं।
वर्जन-
-पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि इस अपहरण की साजिश में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं। दो अन्य आरोपी भागे हुए हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों को जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
-विक्रांत भूषण, एसपी एसटीएफ।