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घरेलू हिंसा सहने की बजाय उसका विरोध करें : सुमन

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झज्जर। वन स्टॉप सेंटर सखी की इंचार्ज सुमन यादव ने कहा कि महिलाओं को घरेलू हिंसा सहन नहीं करनी चाहिए बल्कि उसका विरोध करना चाहिए। यदि आप आज उसका विरोध नहीं करेंगी तो घरेलू हिंसा बढ़ती जाएगी। एक बार विरोध करने पर हिंसा रुक सकती है। केवल जरूरत आपको जागरूक होकर विरोध करने की है। वह वीरवार को अमर उजाला फाउंडेशन के तहत द हाईट्स अकेडमी में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में महिलाओं को जागरूक कर रही थी।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता अकेडमी निदेशक नवींद्र कुमार ने की और सखी इंचार्ज सुमन का स्वागत किया। कार्यक्रम में सखी सेंटर इंचार्ज सुमन यादव ने कहा कि आज महिलाओं को पुरुषों के समान देखने की बात की जाती है, लेकिन कई जगहों पर भेदभाव सामने आ जाता है। महिला व पुरुषों को एकसमान नहीं देखा जाता। यही वजह है कि घर में महिलाओं पर हिंसा होने के बाद भी वह सहन करती रहती हैं और बोल नहीं पाती। इसलिए महिलाओं को हिंसा सहन करने की बजाय उसे किसी रिश्तेदार या पुलिस सखी सेंटर पर आकर जानकारी देनी चाहिए। जरूरी नहीं है कि पुलिस तक मामला पहुंचे, काउंसलिंग और बातचीत से भी मामलों का समाधान हो जाता है। विभाग की तरफ से महिलाओं के लिए 181 नंबर जारी किया हुआ है। यदि कोई पीड़ित महिला है तो वह इस नंबर पर संपर्क कर सकती है। उसे तुरंत सहायता प्रदान की जाती है। यही नहीं पांच दिन रहने, खाने की सुविधा भी सखी सेंटर प्रदान करती है। आज ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां साइबर फ्राड हो रहे हैं। महिलाओं की फोटो लगाकर उनको ब्लैकमेल तक किया जा रहा है। यही नहीं किसी प्रकार की छेड़छाड़, मारपीट जैसी घटनाएं होने पर भी आप तुरंत इसकी शिकायत करें। आज के समय में महिलाएं पुरुषों के बराबर कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। इस अवसर पर अकेडमी के स्टॉफ सदस्यों के अलावा छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


महिला व पुरुष एक सिक्के दो पहलू : नवींद्र
अकेडमी के निदेशक नवींद्र कुमार ने कहा कि महिला व पुरुष एक सिक्के के दो पहलू हैं। जिनको एक साथ ही चलना पडे़गा। आज के समय में दोनों ही एक जैसा काम करते हैं। इसलिए महिलाओं को कमजोर समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। लड़का-लड़की में भेदभाव नहीं होना चाहिए।
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