झज्जर। सड़क दुर्घटना में दुर्घटनाग्रस्त वाहन के मामले में उपभोक्ता फोरम ने शिकायतकर्ता के बीमा क्लेम के आवेदन को खारिज कर दिया है। क्योंकि दुर्घटना के समय वाहन चालक की बजाय उसका क्लीनर चला रहा था, जिसके पास हैवी लाइसेंस नहीं था।
झांसवा निवासी शीशपाल ने 29 अक्तूबर 2020 को उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी कि उसने वाहन का बीमा कराया था। 16 सितंबर 2019 को उसका वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जब शिकायतकर्ता का ड्राइवर जोगेश उसे चला रहा था।
दूसरे वाहन ने शिकायतकर्ता के वाहन को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस घटना में वाहन के क्लीनर रविश को कई गंभीर चोटें आईं और उन चोटों के कारण उसकी मृत्यु भी हो गई थी। इस मामले में महेंद्रगढ़ के अटेली में 17 सितंबर 2019 को एफआईआर दर्ज हुई थी।
शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी को इस बारे में सूचित किया और एक सर्वेयर नियुक्त हुआ। उसने संबंधित कागजात लेने के बाद मौके की सर्वे रिपोर्ट तैयार की। शिकायतकर्ता ने वाहन के नुकसान के संबंध में दावा दायर किया और सैलेग्राम मोटर्स से वाहन की मरम्मत करवाई।
जॉब कार्ड के अनुसार क्षतिग्रस्त वाहन की मरम्मत में 702034 रुपये खर्च किए। विपक्षी पार्टी से बार-बार अनुरोध के बावजूद शिकायतकर्ता के पक्ष में वास्तविक दावे का भुगतान नहीं किया गया। इस पर शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम का सहारा लिया।
इस मामले में उपभोक्ता फोरम के प्रधान डॉ. शहाबुदीन, सदस्य श्रीनिवास खुंडिया, सदस्य वीना रानी ने सुनवाई की व पाया गया कि एफआईआर के अनुसार दुर्घटना के समय वाहन रविश कुमार चला रहा था।
वाहन को नुकसान बिना ट्रेनिंग वाले ड्राइवर की घोर लापरवाही के कारण हुआ था। चालक के पास भारी मालवाहक वाहन चलाने का कोई वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था, जैसा इस मामले में है। ऐसे नुकसान के लिए बीमा कंपनी जिम्मेदार नहीं है।