साल्हावास। सासरौली निवासी डाॅक्टर मंजू ग्रेवाल को बचपन से ही बागवानी का शौक रहा। घर के आंगन व छत पर गमलों में विभिन्न किस्मों के फूल वाले पौधे उगाएं। शादी के बाद लगा कि अब बागवानी का शौक घर गृहस्थी में समाप्त हो जाएगा लेकिन पति डॉक्टर सत्यवान ने उनकी रुचि को पंख लगा दिए। आज उनकी बगिया गुलशन को महका रही है।
डॉ. मंजू ग्रेवाल ने बताया कि दसवीं पास करते ही उनकी शादी हो गई। कृषि विभाग में कार्यरत उनके पति ने उन्हें एमएससी एग्रीकल्चर एग्रोनाॅमी तक की पढ़ाई करवाई। इससे बागवानी में उसकी रुचि और गहरी होती चली गई। आज उनके खेत में बने घर में 250-300 से गमलों में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगे हैं।
इनमें गुलाब, पाम, गुड़हल, गुलदाउदी, मनी प्लांट, एलोवीरा, स्नेक्स प्लांट सहित कई अन्य श्रेणियां शामिल हैं। इसमें कढ़ी पत्ता व पाम के पौधे भी लगे हैं। शुरुआत में घर में 15-20 पौधे लगाए और उनकी देखभाल शुरू की। धीरे-धीरे पौधों की किस्म बढ़ती गईं। वह नए-नए पौधे घर लाकर लगाने लगी।
पौधों की कलम बनाना भी सीखा और बाद में खुद ही पौध तैयार करने लगी। अब तो आस-पड़ोस और रिश्तेदारों को भी पौधों की कलम भेंट करती हैं ताकि वे भी अपने घरों में हरियाली बढ़ा सकें। सुबह पौधों में पानी देना और बगिया की देखभाल करना अब दिनचर्या का हिस्सा बन गया है।
डॉ. मंजू ग्रेवाल बताती हैं कि सुबह उठते ही फूलों के पास जाने से ताजगी व मन को सुकून मिलता है। मेरी बगिया में लगे सुंदर पौधे मेरे घर की सुंदरता में चार-चांद लगा रहे हैं। बगिया में लगा तुलसी का पौधा सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देता है। मेरा प्रयास रहता है कि और ज्यादा-से ज्यादा पौधे लगाए जाएं ताकि सुंदरता बनी रहे।
आसपास के लोग भी हो रहे प्रेरित
डाॅक्टर मंजू ग्रेवाल बताती हैं की इस हरियाली भरी पहल से पड़ोसी और रिश्तेदार भी प्रभावित हो रहे हैं। कई लोग उनसे पौधे लगाने और उनकी देखभाल के तरीके सीख रहे हैं। उनका मानना है कि अगर हर घर की छत या आंगन में कुछ पौधे लग जाएं तो पर्यावरण को बड़ी राहत मिल सकती है। उनका कहना है कि हरियाली के लिए बड़े संसाधनों की नहीं बल्कि जागरूकता और प्रेम की जरूरत होती है। उनके घर के आसपास खिले फूल न सिर्फ सुगंध बिखेर रहे हैं बल्कि लोगों को प्रकृति से जुड़ने की प्रेरणा भी दे रहे हैं।
औषधीय पौधों को लगाने में देती हैं प्राथमिकता
डाॅक्टर मंजू ग्रेवाल का कहना है कि तुलसी, एलोवेरा, गिलोय, अश्वगंधा, पुदीना, लेमनग्रास, ब्राह्मी, शंखपुष्पी, अडूसा, नीम, अजवाइन, हरसिंगार, गुड़हल, कनेर, अपराजिता, चमेली, रजनीगंधा, गुलाब, गेंदा, बेलपत्र और सदाबहार आदि पौधे न केवल घर की शोभा बढ़ाते हैं बल्कि सेहत दुरुस्त रखने के भी काम आते हैं। घर हरियाली और प्राकृतिक सुगंध से भर गया है। इससे परिवार के सदस्यों को मानसिक शांति और ताजगी का अनुभव होता है।