सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के संबंध में हुई मुख्यमंत्री की घोषणा को सिरे चढ़ाने को लेकर नगर पालिका संशय में है।
पिछले 6 महीने में न तो इसको लेकर कोई फाइल तैयार हुई, न ही उच्च स्तर पर इस संदर्भ में किसी प्रकार जानकारी मांगी गई।
घोषणा के सिरे चढ़ने के पीछे सबसे बड़ी दुविधा यह भी है कि सरकार ने कचरा निपटान को लेकर विभिन्न जिलों को सूत्र में पिरो अलग-अलग कलस्टर बनाए हैं।
झज्जर को रोहतक क्लस्टर में शामिल किया गया है और इसको लेकर संयंत्र रोहतक में प्रस्तावित है। हालांकि झज्जर के साथ बेरी, बहादुरगढ़ के कचरे को भी रोहतक भेजने की योजना पर पहले ही काम चल रहा है।
बता दें कि भाजपा सरकार के गठन के बाद पहली बार झज्जर आए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कूड़े की समस्या को लेकर शहर को राहत देखते हुए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने की घोषणा की थी।
हालांकि दिसंबर, 2014 में तत्कालीन डीसी डॉ. अंशज सिंह ने जगह की कमी को देखते हुए रोहतक व झज्जर जिले के लिए एक ही कचरा निपटान का एक ही प्लांट लगाने की जानकारी दी थी।
लोगों को उम्मीद बंधी थी कि सीएम की घोषणा पर प्रशासन जल्द अमल करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। सरकार पहली वर्ष गांठ मना रही है, लेकिन सीएम घोषणा पर अमल कितना हुआ, यह सिर्फ कागजों में है।
उतलौडा में ली साढ़े 8 एकड़ जमीन
नगर पालिका ने शहर के कूड़े के निस्तारण के लिए तो पुख्ता प्रबंध कर लिए हैं, लेकिन सॉलिड वेसट मैनेजमेंट प्लांट का मामला फिलहाल अधर में है। शहर का कूड़ा यहां गुड़गांव बाइपास रोड के किनारे एकत्रित किया जाता है।
इसके बाद यहां से कूड़ा डंफरों से उतलौडा भेजा जाता है। नगर पालिका ने उतलौडा में डेढ़ करोड़ की लागत से पंचायत की साढ़े आठ एकड़ जमीन कूड़ा डालने के लिए ली है।
शहर का सारा कूड़ा फिलहाल वहीं एकत्रित किया जा रहा है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट यहां की बजाया रोहतक में लगता है कि इस कूड़े को वहां ले जाना नगर पालिका के लिए किसी बड़ी समस्या से कम नहीं होगा।
बोले अधिकारी
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के निर्माण को लेकर फिलहाल कुछ नहीं है। सरकार ने इसके लिए क्लस्टर बनाए हैं और झज्जर को रोहतक में शामिल करने की योजना है।
ऐसे में कूड़ा संयंत्र प्लांट वहीं लगेगा। हम यहां का कूड़ा रोहतक भेजेंगे। मुख्यमंत्री की घोषणा पर फिलहाल किसी प्रकार की एक्शन रिपोर्ट नहीं है।
राकेश वर्मा, नपा सचिव