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मोबाइल हैक कर बदमाश भेज रहा नाबालिग के अश्लील फोटो और मैसेज

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बहादुरगढ़। केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल में 31 साल से कार्यरत एक सब इंस्पेक्टर की नाबालिग बेटी का मोबाइल फोन किसी बदमाश ने हैक कर लिया है और इसी नंबर से उसके अध्यापकों व माता-पिता को अश्लील फोटो और मैसेज भेज रहा है। उड़ीसा में अपनी मां व परिवार के साथ रह रही इस बालिका के पिता फिलहाल किसान आंदोलन की दृष्टि से बहादुरगढ़ में तैनात हैं।
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सीआरपीएफ के यह एएसआई उड़ीसा के जिला भद्रक के निवासी हैं। फिलहाल रैपिड एक्शन फोर्स में (बटालियन-114) कार्यरत है। किसान आंदोलन की दृष्टि से यह बटालियन कई महीने से बहादुरगढ़ में तैनात है। उक्त एएसआई महीने भर से अधिक समय से बेहद तनाव में हैं। उनकी पत्नी और आठ साल की बेटी अन्य परिजनों के साथ उड़ीसा में ही अपने घर रहते हैं। पिछले कई दिनों से किसी बदमाश ने उनकी पत्नी-बेटी का फोन हैक कर लिया है। बदमाश बच्ची के मोबाइल नंबर से ही बच्ची की मां और बेटी के चेहरे लगे अश्लील फोटो वायरल कर रहा है। जो भी व्यक्ति इनसे संपर्क करता है उसको भी अश्लील तसवीरें और अश्लील मैसेज भेज देता है, ताकि कोई भी इनकी मदद न कर सके।
बदमाश बच्ची की टीचर को भी बच्ची के ही मोबाइल नंबर से अश्लील फोटो और मैसेज भेज देता है। जिस पर स्कूल ने बच्ची को ऑनलाइन क्लास से बाहर कर दिया है। बच्ची पढ़ाई से भी वंचित हो गई है। बच्ची की मां भद्रक थाने में पुलिस अधिकारियों से मिल कई बार कार्रवाई करने की गुहार लगा चुकी है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। पत्नी व बच्ची हजारों मील दूर परेशान हैं तो बच्ची के पिता बहादुरगढ़ में तनाव भरा जीवन जी रहे हैं। यहां उनका संपर्क आरएएफ कैंप के निकट युवा वकील नवीन सिंगल से हुआ और सारी कहानी बताई। सिंगल ने उन्होंने बहादुरगढ़ पुलिस थाने में ही एफआईआर दर्ज करवाने की सलाह दी। पीड़ित एएसआई कई दिन तक सेक्टर-6 थाना के चक्कर लगाते रहे। आखिर मंगलवार को पुलिस ने मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कर ली।
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बच्ची के पिता ने बताया कि वह और उसकी पत्नी मानसिक रूप से टूटे चुके हैं। आठ साल की मासूम बेटी के मन पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। सिस्टम मदद नहीं कर रहा। उड़ीसा पुलिस सुनवाई नहीं कर रही। कई बार तो इस दुनिया में रहने को भी मन नहीं करता। एडवोकेट नवीन ने पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए, पीएमओ, सीएम हरियाणा, गृहमंत्री अनिल विज, डीसी झज्जर, एसपी झज्जर, डीजीपी हरियाणा, सीएम उड़ीसा और डीजीपी उड़ीसा को ट्वीट भी किया है।
आरएएफ में एएसआई पीड़ित पिता ने चार दिन पहले मुझे संपर्क किया। मैं उनकी आपबीती सुन स्तब्ध रह गया और निर्णय किया की इनकी नि:शुल्क हर संभव मदद की जाएगी। पुलिस स्टेशन के चक्कर लगाने के बाद आखिर 0 एफआईआर दर्ज कर ली गई। यह सिर्फ शुरुआत हैं, हरियाणा सरकार को आगे भी बहुत कुछ करना होगा। उसे उड़ीसा सरकार से संपर्क कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का आग्रह करना चाहिए। अपराधी को जल्द से जल्द कठोरतम सजा मिलनी चाहिए।
-नवीन सिंगल, एडवोकेट
उड़ीसा के जिला भद्रक निवासी आवेदक की शिकायत पर नियमानुसार 0 एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत भी करवा दिया गया है। उचित कानूनी कार्रवाई अवश्य की जाएगी।
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-इंस्पेक्टर जयभगवान, एसएचओ, सेक्टर-6 थाना, बहादुरगढ़
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