07jjrp04- जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में मौजूद मेंटर्स व अन्य। स्रोत-
- फोटो : कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल में राज्य स्तरीय वाद्य यंत्र प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने आए कलाकार। स्रोत आयोजक
झज्जर। जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार के नेतृत्व में सेंसस मूल्यांकन के परिणामों का विश्लेषण किया गया। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में हुई चर्चा में कुल 12 मेंटर व खंड समन्वयकों ने भाग लिया। इसमें जिला निपुण समन्वयक डॉ. सुदर्शन पूनिया ने ब्लॉक, क्लस्टर व जिलास्तर पर हुए मूल्यांकन के परिणामों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जिले के कुल 290 स्कूलों में से 23 स्कूल ए श्रेणी में, 57 स्कूल बी श्रेणी, 210 स्कूल सी श्रेणी में रहे। ए श्रेणी के स्कूलों में 75 प्रतिशत से अधिक छात्र साक्षरता व संख्या ज्ञान में निपुण घोषित किए गए हैं। वहीं बी श्रेणी के स्कूलों में 50 से 75 प्रतिशत छात्र निपुण हैं। सी श्रेणी के स्कूलों में 50 प्रतिशत से कम छात्र ही निपुण मानकों पर खरे उतरे हैं।
आगामी मूल्यांकन दिसंबर माह में प्रस्तावित है। इसके लिए कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। अगले मूल्यांकन तक सी श्रेणी के 80 स्कूलों को बी श्रेणी में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन स्कूलों में मेंटर्स की विजिट को और अधिक गहन व प्रभावी बनाया जाएगा और नियमित समीक्षा की जाएगी।
डॉ. सुदर्शन पूनिया ने कहा कि यह मूल्यांकन हमारे लिए एक डाटा-आधारित रणनीति बनाने का आधार है। हमारा फोकस सी श्रेणी के स्कूलों पर विशेष रूप से होगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि हमारा उद्देश्य जिले के प्रत्येक बच्चे में मौलिक भाषा व गणितीय कौशल का सुदृढ़ विकास करना है।
बैठक में हुए विचार-विमर्श से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर एक ठोस कार्ययोजना बनाएंगे। हम सभी मेंटर्स, शिक्षकों और अधिकारियों से अपेक्षा करते हैं कि वे इस मुहिम में पूरी निष्ठा से जुटें।