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Jhajjar-Bahadurgarh News: मोबाइल के अधिक प्रयोग से बच्चों-युवाओं की आंखों पर पड़ रहा असर

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-फोटो 82 : नागरिक अस्पताल में मरीज की आंखों की जांच करती नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मालविका बंसल। स
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अस्पताल में पहुंच रहे मरीजों में 15 से 25 साल के युवा ज्यादा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। मोबाइल पर घंटों रील्स देखने और लैपटॉप-टैबलेट का लगातार उपयोग अब आंखों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल की नेत्र ओपीडी में प्रतिदिन 20 से 25 ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिन्हें आंखों में ड्राइनेस, धुंधला दिखाई देना, सिरदर्द और नजर कमजोर होने जैसी समस्याएं हो रही हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या बच्चों और 15 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की है।

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मालविका बंसल ने बताया कि लगातार स्क्रीन देखने से आंखों पर दबाव बढ़ता है। सामान्यतः व्यक्ति एक मिनट में 15 से 20 बार पलक झपकाता है, लेकिन मोबाइल स्क्रीन पर लंबे समय तक नजर टिकाए रखने से यह संख्या घटकर 5 से 7 बार रह जाती है। इससे आंखों की नमी कम हो जाती है और ड्राइनेस, जलन तथा धुंधला दिखने जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों में मायोपिया (दूर की नजर कमजोर होना) के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
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डॉ. बंसल ने सलाह दी कि स्क्रीन टाइम सीमित रखें, बीच-बीच में आंखों को आराम दें और बच्चों को आउटडोर गतिविधियों के लिए प्रेरित करें। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के मोबाइल उपयोग पर निगरानी रखने की अपील करते हुए कहा कि समय रहते सावधानी बरतने से आंखों की रोशनी को सुरक्षित रखा जा सकता है।

इन बातों का रखें ध्यान
-हर 20 मिनट में 20 सेकेंड के लिए 20 फीट दूर देखें।
-स्क्रीन देखते समय बार-बार पलक झपकाने की केाशिश करें।
-मोबाइल और लैपटॉप पर नाइट मोड या ब्लू लाइट फिल्टर ऑन करें।
-दिनभर में 1-2 घंटे का डिजिटल ब्रेक जरूर लें, ताकि आंखों केा आराम मिल सके।
-आंखों की नमी बनाए रखने के लिए डॉक्टर की सलाह लेने के बाद आई ड्रॉप्स लें।

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