आईआईटीएन बाबा अभय सिंह के वीडियो वायरल होने के बाद उनके बचपन के सहपाठी भी हैरान हैं। उनके सहपाठी गौरव गोयल का कहना है जो बच्चा क्लास में टॉप करता था और जिसने आईआईटी की हैं, वो वैराग्य अपना गया हैं। उसको इस उम्र में वैराग्य की बजाय सांसारिक जीवन जीना चाहिए।
अभय के बचपन के दोस्त अधिवक्ता गौरव गोयल की हैरान हैं कि अभय ने वैराग्य का रास्ता क्यों अपनाया। गौरव गोयल और अभय सिंह तीन साल तक एक साथ पढ़े हैं। साल 2012 से झज्जर अदालत में अपनी प्रैक्टिस कर रहे हैं।
गौरव गोयल ने बताया कि अभय और वह बचपन के दोस्त है और उनका करीब तीन साल तक एक-साथ बैठकर पढ़ाई की हैं। उस दौरान वह एक-दूसरे के घर खूब आते-जाते थे। एक साथ अपना जन्मदिन मनाते थे। उनके घर में छोटा स्विमिंग पुल भी था, जहां दोनों स्विमिंग करते थे।
गौरव गोयल ने अभय से वैराग्य छोड़कर सांसारिक जीवन में वापिस लौटने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि अभय सांसारिक जीवन में वापिस लौटकर अपने रिश्तों को निभाएं। अभय का जीवन इस समय वैराग्य का नहीं बल्कि सामाजिक और पारिवारिक रिश्ते निभाने का है।
चार साल के दौरान कभी भी ऐसा नहीं देखा गया अभय के अभिभावकों में किसी प्रकार का कोई तनातनी का माहौल हो। उस दौरान अभय की गिनती उनके सभी दोस्तों में से सबसे ज्यादा पढ़ने वालों की और जीवन में आगे बढ़ने वालों में थी। उस दौरान कभी ऐसा नहीं देखा गया कि अभय का ध्यान किसी अध्यातम की ओर है।
गौरव ने उठाये सवाल
अभय के अपने माता-पिता पर लगाए आरोपों पर गौरव के कहा कि आरोप लगाने से पहले अभय यह बताए कि जब वह सांसारिक जीवन, अपने परिवार में सफल नहीं हो पाया तो इस बात की क्या गारंटी है कि वह अध्यातम में सफलता न मिलने पर उसे छोड़कर नहीं भागेगा।
गौरव ने कहा कि अभय की विडियो सोशल मीडिया में आने के बाद उनकी किसी विशेषज्ञ से भी बातचीत हुई थी। उन्होंने अभय की विडियो देखकर कहा था कि इस प्रकार का जो रवैया है वह हमेशा मैटल डिस ऑर्डर कहलाता है।