झज्जर। जहांआरा बाग स्टेडियम के पास स्थित प्रवेश क्लीनिक की दो अल्ट्रासाउंड मशीनों को स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा सील कर दिया गया। टीम का नेतृत्व डॉ. राकेश कर रहे थे, जो कि पीएनडीटी के नोडल अधिकारी भी हैं। उनकी टीम में डॉ. राजकरण और डॉ. सरिता भी शामिल रही। विभाग की टीम के अनुसार किसी भी अल्ट्रासाउंड की मशीन के लिए 5 साल का लाइसेंस दिया जाता है, जिसे नवीनीकरण करवाया जाता है। इसी को लेकर वे सोमवार को प्रवेश क्लीनिक पहुंचे थे, जहां पर उन्होंने डॉ. के कागजात की जांच की तो पाया कि वे समय पूरा हो चुका है और लाइसेंस रिन्यू नहीं करवाया गया है। इस पर टीम ने क्लीनिक की दो मशीनों को सील कर दिया। इनमें से एक मशीन सही काम कर रही थी तो दूसरी मशीन खराब थी।
मैंने ही खुद करवाई सील : संचालक
प्रवेश क्लीनिक के संचालक डॉ. कंवलराज ने कहा कि उन्होंने खुद अपनी मशीन सील करने के लिए विभाग को लिखा था, क्योंकि उनकी मशीन पिछले कुछ समय से खराब पड़ी थी। इसलिए वे चाह रहे थे कि इसे सील करवा दिया जाए।
अल्ट्रासाउंड की मशीन के लिए 5 साल का लाइसेंस दिया जाता है, जिसे नवीनीकरण करवाया जाता है। लेकिन प्रवेश क्लीनिक का समय पूरा होने पर रिन्यू नहीं करवाया गया था। इसके चलते उन्होंने दो मशीनों को सील किया है, जिसमें से एक खराब है ओर दूसरी काम कर रही है। -डॉ. राकेश, डिप्टी सीएमओ, झज्जर।