ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टर व स्टाफ समय पर ड्य़ूटी पर आए इसको ध्यान रखते हुए यहां पर भी बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू किया है। डॉक्टर रूम के साथ बने कमरे में इसके लिए यह व्यवस्था की गई है। ड्यूटी पर आने-जाने से पहले यहां पर सभी डॉक्टरों व पैरा मेडिलक स्टाफ को बायोमेट्रिक मशीन से हर हाल में अटेंडेंस लगानी होगी।
यदि कोई कर्मचारी नहीं लगाता तो उसका उस दिन का वेतन अपने आप कट जाएगा। बता दें कि ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सा सुविधाओं की पहले ही दरकार रहती है। ऐसे में यहां पर अक्सर ड्यूटी पर तैनात रहने वाले स्टाफ की लेटलतीफी भी मरीजों व तिमारदारों को परेशान करती थी। कई बार डॉक्टर व स्टाफ के समय पर मौजूद न रहने पर हंगामा तक खड़ा हो जाता था। अक्सर सबसे ज्यादा दिक्कत पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर को लेकर रहती थी। ऐसे में हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए पूरा बीड़ा उठाया है। बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम के चालू होने से यहां कार्यरत डॉक्टरों व स्टाफ भी समय से कुछ पहले ही आ जाता है।
इसके बाद वे यहां कंप्यूटर सिस्टम के माध्यम से अपनी अटेंडेंस लगाते हैं। जब तक उनके फिंगर प्रिंट बायोमेट्रिक मशीन नहीं लेती तब तक कोई भी ड्यूटी छोड़कर नहीं जाता। नव वर्ष की शुरुआत से ही यह व्यवस्था यहां लागू की गई है। ट्रॉमा सेंटर में जितने भी डॉक्टर, स्टाफ नर्स की ड्यूटी यहां लगी हुई है उन सबके आधार कार्ड की प्रति पहले ली गई। इसके बाद उन्हें बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम के लिए अपलोड किया गया। नाम, पद व एड्रेस सहित पूरा ब्यौरा इसमें दर्ज किया गया है। ड्यूटी के प्रति पाबंद रहने वाला कुछ स्टाफ इसको जहां जायज करार दे रहा है तो कुछ अंदर ही अंदर इस व्यवस्था को लंबे समय तक न चलने की बात भी कहते नजर आते हैं।
मनमानी पर लगेगी रोक
बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू होने से काफी सुविधा मिलेगी। इससे जहां मनमानी करने वाले स्टाफ पर रोक लगेगी वहीं मरीजों को भी समय पर डॉक्टर व पैरा मेडिकल की सेवा मिलने से उन्हें भी राहत मिलेगी। पूरे हॉस्पिटल में 8 मशीनें लगाई गई है। इन्हीं के माध्यम से अब अटेंडेंस लगाई जा रही है।
डॉ. जितेंद्र कादयान, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल हॉस्पिटल बहादुरगढ़।