बहादुरगढ़। मैं आपका जानकार बोल रहा हूं, अरे भूल गए क्या? पहचानों...कुछ पैसे डलवाने हैं की बात कहते हुए जालसाज ठगी की कोशिश कर रहे हैं। होली का त्योहार आने वाला है। ऐसे में साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। लोगों को तरह-तरह के मैसेज और वॉयस कॉल करके लुभावने ऑफर दे रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों ने आमजन से इस तरह के मैसेज को क्लिक न करने और ठगों को अपने बारे में अहम जानकारी न देने की सलाह दी है। साथ ही पूरी तरह सतर्क रहने के लिए आह्वान किया है।
अगर मोबाइल पर व्हाट्सएप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम, ई-मेल या फेसबुक पर डिस्काउंट ऑफर, कैशबैक, सेल या फ्री गिफ्ट वाउचर्स का मैसेज लिंक मिलता है तो उसे क्लिक करने से पहले अच्छी तरह परख लें। डीसीपी मयंक मिश्रा ने जागरूक रहने की सलाह दी है।
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ये है ठगी का पूरा चक्र
डीसीपी मयंक मिश्रा ने कहा कि मैसेज में ब्रांडेड कंपनी के ऑफर दिए गए हैं। ऑफर के यूआरएल लिंक हैं जिन्हें एंटीवायरस इंजन मालेवयर वायरस हो सकता है। आमजन की जरा सी चूक से हैकर्स मोबाइल में खतरनाक वायरस इंस्टॉल कर अकाउंट और पर्सनल डेटा कैप्चर कर सकते हैं। होली से जुड़े मैसेज के जरिये ग्रेट डील या ऑनलाइन शॉपिंग के वाउचर्स का लिंक है। क्लिक करते ही इंस्टॉल होने के संभावित खतरे हैं। इस तरह के कंटेंट को ब्लॉक कर देना बेहतर है।
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मेरे पास 8000484927 नंबर से कॉल आई। कॉलर ने शुरुआत में कहा, अरे भाई क्या हाल है, पहचाना नहीं। मेरे ना बोलने पर कहा कि पहचानों, तुम्हारा जानकार ही बोल रहा हूं। एक आदमी से कुछ पैसे लेने थे, मैंने सोचा तुम्हारे अकाउंट में डलवा देता हूं और तुम मुझे नकद दे देना। तब मुझे समझ में आया कि यह कोई ठग है। मैंने कहा, मैं फोन-पे या गूगल-पे नहीं चलाता तो कॉलर ने कहा कि किसी रिश्तेदार का नंबर दे दो। उसमें डलवा देता हूं। मैंने आखिर में उक्त शख्स का फोन काट दिया।
-हरीश कुमार, अग्रवाल कॉलोनी, बहादुरगढ़।
क्या करें, कैसे बचें
-ठगी होने पर 1930 पर कॉल करें।
-गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल साइबरक्राइम.जीओवी.आईएन पर शिकायत करें।
-अपने जिले के साइबर थाने में शिकायत दें।
-अपने खाते के ट्रांजेक्शन को ब्लॉक करा दें।
-किसी को पिन, पासवर्ड और बैंक डिटेल देने से बचें।
-एप इंस्टॉल करने से पहले रिव्यू और रेटिंग को चेक कर लें।
-क्विक सपोर्ट, एपीके, एनीडेस्क टीम व्यूअर न डाउनलोड करें।