टीकरी बॉर्डर पर आंदोलनकारी किसानों का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। पंजाब से ट्रेन द्वारा सैकड़ों किसान बॉर्डर पर पहुंचे और धरने में शामिल हुए। उड़ीसा से आए किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने टीकरी बॉर्डर पर आंदोलन का समर्थन दिया।
पंजाब के बठिंडा, संगरूर, फाजिल्का व मानसा, राजस्थान के श्रीगंगानगर और हरियाणा के सिरसा व जींद आदि जिलों से सैकड़ों किसान टीकरी बॉर्डर पहुंचे। इनमें से ज्यादातर किसान श्रीगंगानगर से दिल्ली जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन से आए, जबकि कुछ किसान सड़क मार्ग से आए। उड़ीसा से आए किसानों के प्रतिनिधिमंडल का टीकरी बॉर्डर पर हुई सभा के संचालक किसान नेताओं ने स्वागत किया।
एमएसपी सघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रदीप धनखड़, भारतीय किसान सभा दिल्ली के प्रधान महावीर राठी भिवानी के तालू से आए जोगिंदर सिंह, जींद के नफे सिंह, रोहतक के वकील सुदीप कलकल, बेरी के जसपाल, नरवाना से आए भारतीय किसान यूनियन जींद के जियालाल व रोहतक से आए दीपक फौजी ने भी किसानों की प्रमुख सभा में अपने विचार व्यक्त किए।
प्रदीप धनखड़ ने सरकार से कृषि उपजों के न्यूनतम समर्थन मूल्यों में लागत के अनुपात में उचित वृद्धि करने और कानून बनाकर एमएसपी का गारंटी देने की मांग की। महावीर राठी ने कहा कि सरकार खाद, बीज, ट्रैक्टर, डीजल व बिजली आदि को तो लगातार महंगे करती जा रही है, लेकिन एमएसपी नहीं देना चाहती। हरियाणवी गायक अजय हुड्डा ने टीकरी बॉर्डर पर किसानों को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को इस आंदोलन में डटे 100 से ज्यादा दिन हो गए हैं। यह जिद्दी सरकार है, मान नहीं रही। हुड्डा ने किसान के समर्थन में बनाया अपना नया गाना जवानी किसानी... को मंच से गाकर सुनाया।