झज्जर। जिला प्रशासन की ओर से पहचान पत्र, डाटा सत्यापन आदि कामों के लिए लगाए गए शिविर लोगों के किसी काम नहीं आ रहे हैं। चार दिन के लिए सभी वार्ड व गांवों में लगे इन शिविरों का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। सोमवार को शहर में लगे अलग-अलग जगह लगे शिविरों की जब पड़ताल की तो हकीकत सामने आ गई। शिविर के लिए प्रशासन की तरफ से टीम लीडर, सीएससी ऑपरेटर के अलावा वॉलंटियर की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन तीन शिविरों में केवल टीम लीडर ही मौके पर मिले। उनकी ओर से भी दी गई लिस्ट अनुसार लोगों से मोबाइल के जरिए संपर्क साधकर बुलाया जा रहा था ताकि जन्मतिथि और आय संबंधित समस्याओं को दूर किया जा सके। परिवार पहचान पत्र की बाकी समस्याओं को दूर करने के लिए न तो मौके पर ऑपरेटर मिले और न ही कोई अन्य वॉलंटियर मिला। ऐसे में यह कहा जाए कि कैंप में केवल खानापूर्ति की जा रही थी। क्रीड़ा विभाग की तरफ से 22 से 25 दिसंबर तक सभी गांव व शहरों के सभी वार्डों में विशेष कैंप लगाए गए थे।
केस-एक
फायर ब्रिगेड स्टेशन कैंप में मिले दो कर्मचारी
फायर ब्रिगेड स्टेशन के पास दो कैंप लगाए गए थे। इसके लिए छह लोगों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसमें दो टीम लीड, दो सीएससी ऑपरेटर और दो वॉलंटियर शामिल थे। जब टीम मौके पर गई तो केवल टीम लीडर महावीर सिंह व एक अन्य टीम लीडर ही मिले। उनकी ओर से दी गई सूची अनुसार लोगों से मोबाइल फोन कर जन्मतिथि और आय ठीक कराने के लिए संपर्क किया जा रहा था। टीम लीडर ने बताया कि चार दिन में 25 लोगों ने यहां संपर्क किया है। सीएससी ऑपरेटर नहीं आए, इसलिए लोगों की बाकी पीपीपी की गलतियां ठीक नहीं हो सकी। वॉलंटियर भी कोई नहीं आया।
केस-दो
प्राइमरी स्कूल छावनी में मिला एक टीम लीड
प्राइमरी स्कूल छावनी में भी दो कैंप लगाए गए थे। यहां भी छह कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन मौके पर केवल एक ही टीम लीडर मिला जो लोगों से मोबाइल पर संपर्क कर रहा था। बाकी पांच कर्मचारी मौके पर नहीं मिले। जब टीम लीडर रमेश से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ऑपरेटर की ड्यूटी सवेरा स्कूल में चल रहे कैंप में लगी हुई है। इसलिए वह नहीं आया। बाकी कोई अन्य भी नहीं आया। वह मोबाइल एप से ही काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जन्मतिथि और आय को छोड़कर कोई अन्य गलतियां ठीक नहीं की जा रही।
केस-तीन
सवेरा स्कूल में नहीं मिला कोई, लटका था ताला
सवेरा स्कूल के लिए तीन लोगों की ड्यूटी लगाई थी। जब मौके पर पहुंचे तो वहां सवेरा स्कूल के गेट पर ताला लटका हुआ मिला। पूरा स्कूल देखा, लेकिन कोई कैंप नजर नहीं आया। इसके बाद टीम लीडर प्रवीण से फोन पर बात की तो उसने बताया कि आज उसने छुट्टी ली हुई है, क्योंकि परिवार में कोई बीमार है। उन्होंने सीएससी ऑपरेटर दीपेश से बात करने को बोला। हमने जब दीपेश से फोन पर बात की तो उसने बताया कि आज उसका पेपर है।
परिवार पहचान पत्र में यह गलतियां की जानी थी ठीक...
-जन्मतिथि का सत्यापन।
-डाटा इश्यू यानी मोबाइल नंबर का नहीं मिलना या डुप्लीकेट मोबाइल
-हस्ताक्षर अपडेट न होना।
-वैवाहिक स्थिति सत्यापित न होना।
-एकल सदस्य
-कोई अन्य पेंडेंसी
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि जिनकी ड्यूटी लगाई गई थी और मौके पर नहीं थे तो वह गलत है। इसकी जांच करवाई जाएगी।
सलोनी शर्मा, एडीसी, झज्जर
सीएससी संचालकों के कैंप में नहीं जाने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। पहले दिन कुछ जगह ऐसा हुआ था, क्योंकि विभाग का पत्र ही लेट जारी हुआ था। यदि कोई कैंप में नहीं गया तो सूचना आ जाएगी। उसके बाद ही जानकारी दी जा सकेगी।
सुनील कुमार, जिला प्रबंधक, सीएससी, झज्जर