फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhajjar-Bahadurgarh News: छोटूराम नगर में पानी में डूबे मकानों को भी खतरा, हजारों लोग बेघर

Wed, 10 Sep 2025 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
विज्ञापन
-फोटो 51 : मनीष पांडे
विज्ञापन
बहादुरगढ़। तीन दिनों से बारिश नहीं हो रही है, लेकिन मुंगेशपुर ड्रेन का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को यह चार इंच तक बढ़ गया। इससे आसपास की कॉलोनियों छोटूराम नगर, विवेकानंद नगर, धर्म विहार और आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र में पानी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ जहां छोटूराम नगर से लोग पलायन कर रहे हैं। वहीं यहां पर बने मकानों के भी अब गिरने का खतरा बन गया है।
विज्ञापन

कॉलोनी में कई स्थानों पर तीन से चार फुट तक पानी जमा है। वहीं दिल्ली के झाड़ौदा गांव की गीतांजलि कॉलोनी के लोग परेशानी में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। यहां पर दिल्ली सरकार व प्रशासन की तरफ से लोगों की कोई सुध नहीं ली जा रही है। वे लगातार दिल्ली सरकार को कोस रहे हैं। छोटूराम नगर में बाढ़ से बने हालातों के कारण लोग अपने घरों से पलायन करने को मजबूर हो गए हैं।
सिर पर सामान औैर गोद में छोटे बच्चों को लेकर लोग अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। जरूरत का सामान लेकर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के घरों में भी बहुत सारे लोग शिफ्ट हुए हैं। वहीं प्रशासन ने भी बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए सामुदायिक भवनों और धर्मशालाओं में अस्थाई आश्रय स्थल बनाए हैं। छोटूराम नगर और विवेकानंद नगर के साथ सटकर मुंगेशपुर ड्रेन दिल्ली में जाती है।
विज्ञापन

मुंगेशपुर ड्रेन में भारी मात्रा में बारिश का पानी आने से ड्रेन ओवरफ्लो होकर कई जगहों से टूट गई। आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र के एक बड़े हिस्से को तो सेना के जवान छोड़कर चले गए, लेकिन अभी भी ड्रेन के कई हिस्से ओवरफ्लो हैं। इस कारण छोटूराम नगर में तीन से चार फीट तक पानी जमा हो गया है। नगर परिषद ने अपने ट्रैक्टर लगाकर बाढ़ प्रभावित लोगों को निकालना शुरू किया है। मजबूरी में लोग घरों को छोड़ रहे हैं।
छोटूराम नगर से पार्षद प्रतिनिधि एवं पूर्व पार्षद हरिमोहन धाकर ने भी प्रशासन की व्यवस्थाओं का नाकाफी बताया है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रशासन के अधिकारी फोन तक नहीं उठाते हैं। हालात ऐसे हैं कि लोग भूख प्यास से मर भी सकते हैं।

प्रशासन से काई खास मदद नहीं मिली है। राशन पानी की व्यवस्था भी नहीं है। हर रोज पानी बढ़ रहा है। पानी रोकने के लिए मिट्टी तक नहीं डलवाई जा रही है। एहतियातन लोगों ने अपने घरों के दरवाजों पर सीमेंट और ईंट की दीवार बनाने की जुगत में लगे हैं ताकि घरों के अंदर आने से पानी को रोका जा सके।

- मनीष पांडे, छोटूराम नगर



पानी में चलकर काफी दूर तक आना-जाना पड़ता है। सरकारी मदद न के बराबर ही मिल पा रही है। छोटूराम नगर में कई जगह पानी चार से पांच फीट भरा है तो कहीं दो से तीन फीट। ऐसे में उन्हें अब बीमारियां फैलने का खतरा भी सता रहा है। यदि बीमारी फैल गई तो वह महामारी बन जाएगी। प्रशासन को दवाई का छिड़काव करवाना चाहिए।

- सरिता, छोटूराम नगर



मुंगेशुपर ड्रेन का पानी और बढ़ गया है। यह भी सीधे उनकी कॉलोनी की तरफ आ रहा है। इसे भी नहीं रोका जा रहा। अब मुसीबत कहीं ज्यादा बढ़ गई है। न तो खाने का सामान घर में है और न ही वे अपने काम धंधों पर जा सकते हैं। ऐसे में उनके सामने भूखे मरने की नौबत आ गई है।
विज्ञापन


- बबीता, छोटूराम नगर

-फोटो 51 : मनीष पांडे

-फोटो 51 : मनीष पांडे

-फोटो 51 : मनीष पांडे

-फोटो 51 : मनीष पांडे

-फोटो 51 : मनीष पांडे

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें