46 डिग्री तापमान में लू के थपेड़ों से लोगों का जीना दूभर हो गया है। दोपहर की छोड़िए साहब 9 बजे ही ऐसा महसूस होने लगता है, जैसे सूर्य कहर बरपा रहे हों। लेकिन जैसे-जैसे घड़ी में समय बढ़ता जाता है, वैसे-वैसे तापमान में भी बढ़ोतरी होने लगती है। दोपहर 12 बजे तक तो सूर्य देव सभी को अपनी डिग्री दिखाने लगते हैं। नतीजतन लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो जाते हैं। गर्म हवाओं के चलते बाजारों में सन्नाटा पसर गया। जो इस धूप में निकला भी वह बहुत ही जरूरी काम से। वहीं दुकानदार भी दुकानों में एसी, कूलर के आगे आराम करते दिखाई दिए।
स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी
गर्मी में सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। स्कूल की छुट्टी होने पर घर वापसी के समय बच्चों की हालत देखने लायक होती है। वीरवार को स्कूली बच्चों की हालत इतनी खराब थी कि जब स्कूल वैन एक स्टेंड पर रुकी तो बच्चें पानी के गिलास हाथ में लिए पानी मांगते दिखाई दिए।
लोग मानसून का करने लगे हैं इंतजार
गर्मी से निजात पाने के लिए लोगों को कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है। गर्मी इतनी ज्यादा है कि एसी, कूलर भी अपना रंग नहीं दिखा पा रहे है। जिसके चलते लोगों को अब मानसून का इंतजार करने लगे है और इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए मीठे पानी की छबील, चावल और छोले भी बांट रहे हैं।
कूलर और शीतल पेय पदार्थोें की बढ़ी मांग
निरंतर बढ़ रहे तापमान के चलते जहां बाजार की अन्य दुकानों से ग्राहक नदारद है। वहीं शीतल पेय पदार्थो और कूलर की मांग बढ़ रही है। लोग गर्मी से निजात पाने के लिए जहां एक और तरबूज, खीरे, खरबूजे, आइसक्रीम व कोल्ड-ड्रिंक्स की जमकर खरीददारी कर रहे है। स्थिति यह बन पड़ी है कि लोग पानी ठंडा करने के लिए बाजारों से बर्फ भी खरीद कर ले जाने लगे है। जिसके चलते बर्फ की भी मांग बढ़ी है। वहीं कूलर व एसी के शोरूम पर भी लोगों की भीड़ उमड़ रही है। लोग जमकर कूलर की खरीददारी कर रहे है।