नागरिक अस्पताल में प्राइवेट रूम देने का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। जिला प्रशासन की निगाह अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर टिकी हुई है। पहले बुधवार फिर वीरवार और उसके बाद शुक्रवार को जब मामले से संबंधित दस्तावेज अस्पताल प्रशासन द्वारा उपलब्ध नहीं करवाए गए। तब एडीसी नरहरि सिंह बांगड अपनी टीम के साथ स्वयं अस्पताल पहुंचें। करीब दो घंटे तक अस्पताल प्रशासन से मामले से संबंधित जानकारी ली और अस्पताल परिसर का भी निरीक्षण किया। हालांकि अभी तक जांच करने पहुंची टीम ने कुछ भी कहने से इंकार किया है, और अस्पताल प्रशासन की अभी तक सांसे अटकी हुई हैं।
आखिर क्या है मामला
नागरिक अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में सीएमओ द्वारा बनाए गए रेस्ट हाउस के ठीक साथ सटे कमरे में बीते करीब एक साल से कब्जा जमाए बैठे मरीज की पत्नी मंगलवार को अल सुबह खुद का ताला लगाकर अपने मरीज पति को लेकर फरार हो गई थी। मामला संज्ञान में आने के बाद जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम व तहसीलदार मंगलवार सायं जांच करने के लिए पहुंचे और ताला तुड़वाकर कमरे की तलाशी ली गई थी। कमरे में भारी मात्रा में राशन का सामान व मेकअप का सामान मिलने के साथ सर्दियों में इस्तेमाल की गई दो रजाइयां भी मिली थीं। इतना ही नहीं कमरे में नियम कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए दो की जगह बिस्तरों सहित तीन बेड भी पाए गए थे। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने अस्पताल प्रशासन से कब्जा किए गए रूम नंबर 80 के साथ-साथ सीएमओ के निवास स्थान वाले रूम का भी बुधवार तक रिकॉर्ड तलब करने के साथ जांच करने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई किए जाने की बात कही थी।
मामले की जांच की जा रही है, टीम द्वारा शुक्रवार को भी मामले से संबंधित जानकारी ली है। पूरी जांच होने के बाद ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
नरहरि सिंह बांगड, एडीसी, झज्जर।