फोटो-66:बहादुरगढ़ में बीसीसीआई चुनावों को लेकर विचार-विमर्श करते टीम प्रोग्रेसिव फ्रंट के सदस्य।
बहादुरगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (बीसीसीआई) के चुनाव पर फिलहाल रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस जगमोहन बंसल की कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के दौरान बीसीसीआई के निर्वाचन अधिकारी को चुनाव प्रक्रिया अगली सुनवाई तक स्थगित रखने के निर्देश दिए हैं।
मामले की अगली सुनवाई 27 मई को होगी। याचिकाकर्ता प्रवीण गर्ग की ओर से अदालत में दलील दी गई कि हरियाणा रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन ऑफ सोसाइटीज एक्ट-2012 की धारा 39(4) के तहत मतदाता सूची को चुनौती देते हुए आवेदन दायर किया गया था। इस पर जिला रजिस्ट्रार ने गत 8 मई को चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सदस्य सूची की जांच और संशोधन के आदेश दिए थे।
बाद में इस आदेश को स्टेट रजिस्ट्रार के समक्ष चुनौती दी गई, जहां 19 मई को जिला रजिस्ट्रार का आदेश रद्द करते हुए तय कार्यक्रम के अनुसार चुनाव कराने के निर्देश दिए गए। याचिकाकर्ता ने इसके खिलाफ रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष अपील दायर की, जो अभी लंबित है।
हाईकोर्ट में यह भी कहा गया कि अपील पर फैसला हुए बिना चुनाव करवाना याचिकाकर्ता के अधिकारों का हनन होगा। अदालत ने माना कि जिला रजिस्ट्रार का आदेश विस्तृत कारणों पर आधारित था, जबकि स्टेट रजिस्ट्रार ने उसे यांत्रिक तरीके से निरस्त कर दिया। कोर्ट ने इस पर जवाब मांगा है।
बीसीसीआई चुनावों पर उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक को टीम प्रोग्रेसिव फ्रंट ने निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया की जीत बताया है। वहीं इस बारे में उद्योग विकास मंच ने कहा कि विरोधी टीम ने उद्यमियों की एकता, समर्थन और संभावित हार के डर से चुनाव प्रक्रिया पर दोबारा रोक लगवाई है। साथ ही दावा किया गया कि सत्य और उद्योग हित की जीत निश्चित है।