झाड़ोदा बॉर्डर पर की गई बैरिकेडिंग और मिट्टी भरकर खड़े किए गए ट्रक। संवाद
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सिंघु बॉर्डर पर पुलिस कर्मियों और ग्रामीणों के साथ किसानों द्वारा की गई हरकत के बाद टीकरी बॉर्डर पर हाई अलर्ट कर दिया गया है। टीकरी बॉर्डर और झाड़ोदा बॉर्डर पर बैरिकेड की संख्या बढ़ाई गई है। भारी संख्या में आरएएफ, सीआरपीएफ और दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों को तैनात किया गया है। सिंघु बॉर्डर पर बदले हालातों के बाद बहादुरगढ़ में सुरक्षा बलों की 15 और कंपनियां पहुंच गई हैं।
तीन कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर टीकरी बॉर्डर पर डटे किसानों का शुक्रवार को 66वां दिन था। टीकरी बॉर्डर पर दिनभर सभा का आयोजन होता रहा। किसानों के 15 किलोमीटर पड़ाव में भी अलग-अलग जगह बैठकों का दौर जारी रहा।
झाड़ोदा बॉर्डर पर मिट्टी से भरे ट्रकों को खड़ा किया
सुरक्षा के लिहाज से झाड़ोदा बॉर्डर पर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग इस तरीके से की कि कोई अकेला व्यक्ति भी यहां से न निकल पाए। पुलिस ने सबसे पहले लोहे के बैरिकेड पर कटीली तारें भी लगाई हैं। इसके बाद दो-तीन ट्रकों को मिट्टी से भरकर खड़ा किया गया है। इससे आगे 200 मीटर पर फिर लोहे के बैरिकेड और फिर दिल्ली में झाड़ोदा गांव के नजदीक से निकल रही ड्रेन पर भी बैरिकेडिंग की गई है। भारी संख्या में पुलिस कर्मियों और अर्द्धसैनिक बलों को लगाया गया है। कच्चे रास्तों पर भी बैरिकेडिंग कर दी गई है। फिलहाल टीकरी और झाड़ोदा बॉर्डर से लोगों की आवाजाही बिल्कुल बंद कर दी गई है।
टीकरी बॉर्डर पर भी की गई है सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
किसानों की सबसे ज्यादा संख्या टीकरी बॉर्डर पर रहती है। यहां पर फिर से 8 लेयर में बैरिकेडिंग दिल्ली पुलिस द्वारा कर दी गई है। टीकरी बॉर्डर पर एक तरफ दिनभर किसानों की जनसभा चलती है तो दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस के साथ सीआरपीएफ, आरएएफ के जवान तैनात रहते हैं। दिल्ली पुलिस के सीनियर अधिकारी भी टीकरी बॉर्डर पर होने वाली हलचल की पल-पल जानकारी लेते रहते हैं।