03jjrp01- झज्जर। अमेरिका में आयोजित विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता हेमंत सा
झज्जर। अमेरिका में आयोजित विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के 90 किलोग्राम भार वर्ग में हेमंत सांगवान ने स्वर्ण पदक हासिल किया। अंडर-19 पुरुष एवं महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप अमेरिका के कोलोराडो शहर में 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक आयोजित की गई। इस चैंपियनशिप में झज्जर जिले के गुरु हितेश देशवाल और शिष्य हेमंत सांगवान भारतीय टीम का हिस्सा बने।
हेमंत सांगवान ने फाइनल मैच में अमेरिका के बॉक्सर को संघर्षपूर्ण मुकाबले में शानदार खेल दिखाते हुए 4-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस प्रतियोगिता के फाइनल मैच में हेमंत सांगवान ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास बना दिया। एकमात्र भारतीय मुक्केबाज हेमंत सांगवान ने यह कारनामा दिखाया। हेमंत सांगवान का यह मैच 2 नवंबर को हुआ था। हेमंत सांगवान ने पूरी ताकत के साथ देश को स्वर्ण पदक दिलाया। झज्जर जिले के लिए यह बहुत ही गौरव की बात है। हेमंत सांगवान का यह पहला विश्व चैंपियनशिप का खिताब है। वहीं झज्जर जिला मुक्केबाजी संघ के प्रधान सोमवीर अहलावत ने बताया कि हेमंत सांगवान इससे पहले भी वर्ल्ड यूथ मुक्केबाजी कप मोंटेनीग्रो में रजत पदक जीत चुके हैं तथा एशिया यूथ मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भी रजत पदक विजेता रह चुके हैं। इस बार हमें उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद थी, इस उम्मीद को उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल कर पूरा किया। हेमंत सांगवान गांव बुराखेड़ी के रहने वाले हैं और खेल उन्हें विरासत में मिला है। इस दौरान उन्होंने गुरु शिष्य की जोड़ी को स्वर्ण पदक जीतने के लिए शुभकामनाएं दीं।