शनिवार सुबह और दोपहर बाद हुई 18 एमएम बारिश से ही पूरे शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं। वहीं शहर के विभिन्न चौक, चौराहों के अलावा कई क्षेत्रों में घरों के अंदर पानी घुस गया। पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थिति यह थी कि शहर के अंबेडकर चौक, पुराना बस स्टैंड रोड, सीताराम गेट, माता गेट, पुराना बीकानेर चौक पर एक से डेढ़ फुट तक पानी जमा हो गया। जिसके चलते राहगीरों, वाहन चालकों व स्थानीय दुकानदारों को काफी परेशानियां का सामना करना पड़ा। वहीं, शहर की जय हिंद कालोनी में कई घरों में व किला कालोनी में जलभराव की स्थिति बन गई। जिसके चलते लोगों को काफी परेशानियां हुईं। किला कालोनी में पानी के जलभराव होने के चलते लोगों को बिजली के खंभों से करंट आ जाने का भी डर सताने लगा। वहीं बारिश के चलते मौसम सुहावना हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट आई और तापमान 26 डिग्री तक पहुंच गया।
बारिश आए तो आफत न आए तो आफत। ऐसी स्थिति है शहर झज्जर की। जहां गर्मी से बेहाल लोग काफी दिनों से गर्मी से परेशान होकर बारिश होने का इंतजार कर रहे थे। वहीं, शनिवार को सुबह और दोपहर बाद हुई बारिश के कारण परेशान भी दिखाई दी। कारण सिर्फ पानी की निकासी का न होना था। शहर के विभिन्न चौक, चौराहों, गलियों, मुख्य मार्गों और घरों में पानी घुस जाने के चलते लोगों को काफी परेशानी हुई। बरसाती पानी विभिन्न मार्गों पर जमा हो जाने के चलते वाहन चालकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, बच्चोें ने बारिश का लुत्फ भी उठाया और दोपहर बाद हुई बारिश में नहाते भी दिखाई दिए।
गांव बहूझोलरी में हुई समस्या
वीरवार को गांव बहूझोलरी में बारिश लोगों के लिए परेशानी बन कर आई। विभिन्न स्थानों पर पानी भर गया। खास कर बस स्टेंड क्षेत्र जलमग्न हो गया। लोगों के वाहन पानी में खराब हो गए। लोगों को धक्के मारकर वहां से अपने वाहन निकालने पड़े। ग्रामीण प्रदीप ने बताया कि पिछले काफी वर्षों से यह समस्या बनी हुई, लेकिन कोई सुध नहीं ले रहा है। शासन और प्रशासन को बार-बार सूचित करने के बावजूद भी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई हैं।