अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर कहीं गर्भ में बच्चे की जांच व अन्य अनियमितताएं तो नहीं बरती जा रही इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। विभाग की कई टीमें जिलेभर में सेंटरों पर जांच पड़ताल कर रही है। इसी कड़ी के तहत सिविल हास्पिटल व आयुर्वेद विभाग की एक टीम ने बहादुरगढ़ के दो सेंटरों का औचक निरीक्षक किया और यहां गर्भवती महिलाओं से संबंधित सभी अल्ट्रासाउंड के रिकॉर्ड को जांचा।
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश इंदौरा व डॉ. ममता ने दिल्ली रोड नजदीक रेलवे नुक्कड़ के पास बालाजी अल्ट्रासाउंड व महाबीर पार्क की गली नंबर 4 के नजदीक एक अन्य अल्ट्रासाउंड सेंटर पर अपनी दस्तक दी। उक्त टीम ने यहां पर कई देर तक पूरा रिकॉर्ड खंगाला। साथ में पीएनडीटी को लेकर कोई उल्लंघना या फिर उसके रिकॉर्ड में कोई अनदेखी तो नहीं की जा रही इसकी पूरी जांच की। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से सेंटर संचालकों में हड़कंप मचा रहा।
डॉ. मुकेश इंदौरा व डॉ. ममता ने अल्ट्रासाउंड करने वाले डाक्टरों से भी कई महत्वपूर्ण बातों को लेकर चर्चा की। साथ में उनसे आज से पहले का पूरा रिकॉर्ड दिखाने के लिए कहा। छापामार टीम के अनुसार फिलहाल किसी तरह की कोई खामियां नजर नहीं आई। हालांकि कार्यरत डॉक्टर व संचालक को कड़े निर्देश दिए कि पीएनडीटी एक्ट के तहत जो भी नियम है उनकी पालना हो। यदि किसी तरह की कोई लापरवाही व अनदेखी की गई तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने रिकॉर्ड को सही तरह से मेनटेन करने, सभी गर्भवती महिलाओं को पूरा ब्यौरा रखने सहित कुछ अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बता दें कि झज्जर जिले में करीबन 30 अल्ट्रासाउंड सेंटर हैं। इनमें से अधिकांश बहादुरगढ़ में है।
यह क्षेत्र दिल्ली से भी बिल्कुल सटा है। ऐसे में इन सेंटरों पर विभाग की पैनी नजर रहती है। सभी सेंटर संचालकों व यहां तैनात डॉक्टरों को निर्देश दिए हुए है कि यदि कोई गर्भ में लिंग की जांच करता हुआ मिला तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ में उनका लाइसेंस भी निरस्त कर दिया जाएगा। कन्या भ्रूण हत्या पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य महकमे का पूरा जोर है। इसके लिए विभाग ने कई टीमें तक गठित की हुईं हैं। इसमें वरिष्ठ अधिकारियों को भी शामिल किया हुआ है।