प्रदेश के विभिन्न जिलों के बाद अब झज्जर में भी मैगी के सैंपल लिए गए हैं। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सदर थाने के सामने स्थित एक गोदाम में पहुंच कर मैगी के सैंपल लिए।
सैंपलों को भरने के बाद उन्हें जांच के लिए चंडीगढ़ लैबोरेटरी भेजा गया है। सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद ही इस बारे में आगामी कार्रवाई की जाएगी।
देश भर में मैगी को लेकर बवाल मचा हुआ है। देश की राजधानी दिल्ली व सेना में इस पर बैन भी कर दिया गया है। वहीं देशभर में फैली सेना की एक हजार से ज्यादा कैंटीनों में भी इसकी सप्लाई बंद कर दी गई है।
जांच में सामने आया है कि मैगी में लेड की मात्रा निर्धारित से ज्यादा है, जिसके कारण यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इस जांच रिपोर्ट के बाद सेना ने भी इसे बैन कर दिया है तथा दिल्ली सरकार ने भी 15 दिन के लिए मैगी पर प्रतिबंध लगा दिया है।
देश के सभी प्रदेशों में मैगी के सैंपल लिए जा रहे हैं। बुधवार को कैथल, जींद, करनाल, सिरसा सहित प्रदेश के कई जिलों में सैंपलिंग की जा चुकी है। बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉ. रमेश धनखड़ ने अधिकारियों की बैठक ली तथा उसके बाद मैगी के सैंपल लेने का फैसला लिया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर ओम कुमार व डॉ. पासी के नेतृत्व में सदर थाने के सामने स्थित मैगी के गोदाम जग्गी एंड कंपनी में पहुंची। वहां पर टीम ने मैगी के सैंपल लिए तथा उन्हें सील करके जांच के लिए चंडीगढ़ लैबोरेटरी भेज दिया।
फिलहाल लिए सैंपल, गलत मिला तो लगेगी रोक
डॉ. पासी ने कहा कि फिलहाल मैगी के सैंपल लिए गए हैं। अगर जांच में मैगी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित होती है तो इस पर रोक लगा दी जाएगी।
अगर उसके बावजूद भी कोई बेचता मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्हाेंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने से पहले कुछ नहीं कहा जा सकता है।
बिक्री हुई कम
शहर में दुकानों पर मैगी बिक जरूर रही है, मगर इसकी बिक्री पहले की अपेक्षा बहुत कम हो गई है। कई दुकानदारों ने भी इसे बेचना बंद कर दिया है, वहीं कुछ दुकानदार घाटे से बचने के लिए स्टॉक निकाल रहे हैं।
परिजनों ने बच्चों को मैगी खिलाना किया बंद
मैगी पर सवाल उठने के बाद लोग अपने बच्चों को मैगी खिलाने से परहेज करने लगे हैं। आर्य नगर निवासी बीना ने बताया कि उसकी बेटी विधी मैगी खाने की बहुत ज्यादा शौकीन है।
मगर सरकार द्वारा इसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक करार दिए जाने के बाद से उसने विधी के मैगी खाने पर भी बैन लगा दिया है।
छारा चुंगी निवासी 6 वर्षीय अंश ने कहा कि अब मम्मी उसे मैगी दिलाती ही नहीं है। पूछने पर कहती है कि इसको खाने से बीमार हो जाओगे। अंश ने कहा कि मैगी के बदले आज मम्मी ने मुझे चॉकलेट व टॉफी दिलाई हैं।
छारा चुंगी पर रहने वाली छोटी बच्ची सौम्या ने भी कहा कि मम्मी ने मुझे टीवी और अखबार दिखाया। उसमें लिखा था कि मैगी खाने से मैं बीमार हो सकती हूं। मैं अब मैगी नहीं खाऊंगी।
मैंने मम्मी को भी बोल दिया है कि वो मैगी की जगह मेरे लिए खाने में कुछ और बना दें।