बादली। 11 साल की उम्र में वजन कम करने के लिए स्टेडियम में पसीना बहाने उतारे हितेश गुलिया आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है। एक के बाद एक पदक जीत कर उन्होंने देश का गौरव बढ़ाया है। नोएडा में चल रही वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में स्वर्ण पदक जीतकर हितेश गुलिया ने अगले साल होने वाले कॉमनवेल्थ गेम की ओर मजबूती से कदम रख लिया है।
झज्जर के जिला स्टेडियम में वजन कम करने की मंशा से बॉक्सिंग रिंग में उतरे 11 वर्षीय बच्चे ने विश्व पटल पर देश और हरियाणा का नाम रोशन कर किया है। गांव जहांगीरपुर निवासी 20 वर्षीय हितेश गुलिया ने साल 2025 के शुरू में ही ब्राजील में पहली बार आयोजित वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में भारत के लिए 70 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था।
अब नवंबर में नोएडा में आयोजित वर्ल्ड बॉक्सिंग कप जीत लिया है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते पिता ने विभिन्न जगहों पर कच्चे कर्मचारी और ठेकेदारी के तौर पर काम किया। पिता सत्यवान के लिए बेटे का भविष्य सुधारने में आर्थिक दिक्कतें आईं। हितेश ने भारतीय नौसेना ज्वॉइन की तो किसी ने सोचा भी नहीं था कि हितेश खुद को खेलों में उच्च मुकाम तक लेकर जाएंगे।
हितेश गुलिया की उपलब्धियां
- 16 सितंबर 2018 में हरियाणा स्कूल स्टेट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
- 19 नवंबर 2019 को अंडर-17 एसजीएफआई मिजोरम में रजत पदक
- 18 सितंबर 2024 सर्विसेज राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक
- 6 जनवरी 2025 को बरेली में स्वर्ण पदक
- फरवरी 2025 में ब्राजील में आयोजित वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में भारत के लिए 70 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण