बिरधाना गांव में एक परिवार के द्वारा अपने दामाद के खिलाफ दहेज के लिए तंग करने का मामला दर्ज करवाना उस समय महंगा पड़ा, जब उनके दामाद ने अपने कुछ साथियों के साथ पहुंचकर घर के आगे गोलियां चला दी। गनीमत यह रही कि गोलियों की आवाज सुनकर परिवार के लोगों ने अपना दरवाजा नहीं खोला। मामले की शिकायत परिवार ने दुजाना पुलिस चौकी में की, जिस पर पुलिस ने कुतुबगढ़ निवासी अनिल व उसके साथियों पर मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में बिरधाना निवासी फौजी सुदर्शन ने बताया कि देर रात्रि करीब साढ़े 12 बजे किसी ने उनके दरवाजे को पीटना शुरू कर दिया। जब उन्होंने उठकर देखा कि रात्रि को उनका दामाद अनिल निवासी कुतुबगढ़ कझांवला दिल्ली अपने कई साथियों के साथ खड़ा है। जब उन्होंने दरवाजा नहीं खोला तो वह आवेश में आ गया और उन्होंने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए गोलियां चलानी शुरू कर दी। गोली चलने की आवाज के बाद आसपास के लोग उठने लगे तो उनके दामाद ने उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए केस वापिस उठाने की बात कहते हुए वहां से अपने साथियों सहित अपनी गाड़ियों में बैठकर भाग निकले। इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोम रूम में दी। पुलिस ने सुबह घटनास्थल का मुआयना करने के बाद अनिल व उनके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। पीड़ित सुदर्शन ने बताया कि उन्होंने अपनी लड़की रेणू की शादी 7 नवंबर 2011 को दिल्ली के कंझावला के कुतुबगढ़ निवासी अनिल पुत्र आनंद प्रकाश के साथ की थी, जिसे एक लड़का भी है। शादी के बाद से उनका दामाद उनकी लड़की को दान-दहेज के तंग करने लगा। उन्होंने अपनी सामथ्र्य के अनुसार उसे काफी दान-दहेज दिया, लेकिन वह अपनी आदतों से बाज नहीं आया। जिसके बाद वह अपनी लड़की को अपने घर ले आया और इसी वर्ष उन्होंने उनके खिलाफ दहेज का केस दर्ज करवा दिया। उन्होंने बताया कि इसी रंजिश के चलते वह बीती रात्रि को उनके घर आया और जान से मारने की नीयत से उन्होंने कई फायर भी किए। उनका कहना है कि उनका दामाद के सिर पर कई लाख रुपये का कर्ज भी है और उन्हें भय है कि वह उनके पूरे परिवार को जान से न मार दे। उन्होंने अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा के लिए पुलिस से गुहार लगाई है।